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MP Election 2018 : ‘भाजपा की आक्रमकता रहेगी बरकरार, जीतने वाले उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारा’

भाजपा संभागीय समन्वय समिति के बाबूसिंह रघुवंशी से पत्रिका ने चर्चा की।
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इंदौर

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Hussain Ali

Nov 03, 2018

bjp

MP Election 2018 : ‘भाजपा की आक्रमकता रहेगी बरकरार, जीतने वाले उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारा’

इंदौर. प्रदेश की सियासत में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले मालवा-निमाड़ के एक बड़े जनजातीय हिस्से की सीटों का फैसला भाजपा संगठन ने कर दिया। इसमें अनुपातिक रूप से ही टिकट बदले गए हैं। किसान, वनवासी बहुल धार, अलीराजपुर, झाबुआ और देवास जिलों में पार्टी द्वारा जारी सूची पर कहीं भी एट्रोसिटी एक्ट के बवंडर का असर नहीं है। हमारी रणनीति सिर्फ जीतने वाले उम्मीदवार तक ही सीमित नहीं रही, उम्मीदवार का क्षेत्र में काम और जनता से मिले फीडबैक के आधार पर टिकट तय हुए हैं। जिससे उसकी जीत पुख्ता हो जाए, पार्टी संगठन के लिए भी जोखिम न रहे। यह कहना है भाजपा संभागीय समन्वय समिति के बाबूसिंह रघुवंशी का। भाजपा द्वारा उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी करने के बाद पत्रिका ने उनसे चर्चा की।

मालवा-निमाड़ की ६६ सीटों में से धार-झाबुआ-अलीराजपुर की 12 में से 10 सीटों पर जनजातिय बहुलता है। इनमें बहुत ज्यादा टिकट बदलने की संभावना नहीं थी। क्योंकि विरोधी पार्टियों में भी कोई बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं लग रही। कांग्रेस ने इन सीटों पर भाजपा के वोट को प्रभावित करने के लिए जयस, सपाक्स, देवकीनंदन ठाकुर और कम्प्युटर बाबा जैसे संगठन और लोगों को तैयार किया है। कांग्रेस को उम्मीद है, इनके प्रभाव से भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगेगी। एेसा नहीं है, भाजपा की पृष्ठभूमि भी इन क्षेत्रों में कमजोर नहीं है। संघ व संगठन दोनों का खासा प्रभाव है। गांव-गांव कार्यकर्ता हैं। उन्हीं की मंशा जान कर टिकट तय किए हैं। टिकट वितरण को देखेंगे तो बागली, धरमपुरी और सरदारपुर में बदलाव किया गया है। यहां वर्तमान विधायकों को फिर से मौका नहीं दिया गया।

कुक्षी और गंधवानी की कांग्रेस के कब्जे वाली सीटों पर एेसे उम्मीदवारों को लाया गया, जिनके जीतने की संभावना अधिक है। कुक्षी से वीरेन्द्र बघेल को मौका मिला, वहीं धरमपुरी से गोपाल कन्नौज का लाया गया। बघेल और कन्नौज दोनों अच्छे कार्यकर्ता हैं, दोनों ही जीतेंगे। धरमपुरी सीट पर काफी रस्साकशी है। धार में वर्मा का टिकट कोई चौंकाने वाला नहीं है।