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महिलाओं की जांच के दौरान दो नाबालिग निकलीं गर्भवती, उम्र सुनकर चौंक गए कर्मचारी

MP News: मध्यप्रदेश के इंदौर जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो नाबालिग गर्भवती के सामने आने से महिला एवं बाल विकास विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर हो गई है।
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इंदौर

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Avantika Pandey

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Updated: 19 Nov 2025, 2:41 PM IST

Two minors were found pregnant during women checkup

mp news महिलाओं की जांच के दौरान दो नाबालिग निकलीं गर्भवती

MP News:मध्यप्रदेश के इंदौर जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो नाबालिग गर्भवती के सामने आने से महिला एवं बाल विकास विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर हो गई है। आलीराजपुर और झाबुआ से भागकर आए इन किशोर-किशोरियों के मामलों ने विभागीय निगरानी प्रणाली और आंगनबाड़ी सर्वे व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

उम्र सुनकर चौंक गए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी

महू के मध्य भारत अस्पताल में पिछले दिनों गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के लिए आशा कार्यकर्ता कुछ महिलाओं को लेकर पहुंची थीं। जांच के दौरान डॉक्टरों ने दो लड़कियों की उम्र क्रमश: 14 और 16 साल बताई, जो पहले से ही तीन से आठ महीने की गर्भवती थीं। दोनों की उम्र सुनकर स्वास्थ्य कर्मचारी चौंक गए। उन्होंने तुरंत सूचना किशनगंज पुलिस को दी, जिसके बाद बाल कल्याण समिति की प्रक्रिया शुरू हुई। दोनों को अस्थायी आश्रय स्थल भेज दिया है और परिजनों से संपर्क कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

चुनाव सहित कई कार्यों में लगा दिया

बालिकाओं की पहचान के बाद आलीराजपुर व झाबुआ की बाल कल्याण समितियों को सूचना भेज दी है। दोनों जिलों की टीमें पता लगाने में जुटी हैं कि बालिकाएं किन परिस्थितियों में घर से भागीं, किसके साथ रह रही थीं और कौन जिमेदार होंगे। कार्यकर्ताओं का तर्क है, उन्हें चुनाव सहित कई अतिरिक्त जिमेदारियों में लगा दिया जाता है, जिसके कारण वे नियमित सर्वे नहीं कर पा रहीं।

गंभीर प्रशासनिक चूक

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बाल संरक्षण से जुड़ी जिम्मेदारी किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं की जानी चाहिए। गर्भवती नाबालिगों की पहचान समय पर नहीं होना गंभीर प्रशासनिक चूक है। विभाग अब समीक्षा बैठक कर रहा है, ताकि पता लगाया जा सके कि यह चूक आखिर किस स्तर पर हुई और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।