
NHAI closed the Choral Tunnel Landslide incident file MP News (फोटो सोर्स- Patrika.com)
Choral Tunnel Landslide: इंदौर से 35 किमी दूर चोरल गांव के समीप बन रही टनल में निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की लापरवाही पर नेशनल हाइवे ऑथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) के अफसर पर्दा डालने में जुट गए हैं। घटना के दूसरे दिन गुरुवार को ही अफसर इसे हादसा करार देते हुए मामले का पटाक्षेप करते नजर आए। (MP News)
एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने पत्रिका से चर्चा में टनल की बाहरी सतह दहने को हादसा बताते हुए कहा कि टनल की पहाड़ी से सामने की तरफ मिट्टी गिरी है। जांच कराने की आवशयकता नहीं समझ मे आई। उल्लेखनीय है कि इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर चोरल के समीप टनल नंबर तीन पर बुधवार तड़के चार बजे मजदूरों पर टनल के एक छोर का कांकीट गिरने से दो मजदूरों की मौत हुई थी।
बुधवार दोपहर से ही टनल से दो पोकलेन मशीन लगाकर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया, जो गुरुवार दोपहर तक भी जारी रहा। घटना के बाद से टनल का निर्माण कार्य रोक दिया गया है। हादसे में मृतकों के शवों को प्रशासन ने उनके पैतृक गांव भेज दिया है।
टनल नंबर तीन के आखिरी छोर पर बुधवार तड़के जिस दीवार से मलबा ढहा। उसके समीप ही दूसरा छोर भी निर्माणाधीन है। बुधवार को यहां भी दीवार की निचली सतह पर दीवार से कंक्रीट की परत ढही देखी गई। हालांकि मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
टनल के छोर पर पहाड़ी से लैंड स्लाइड का यह पहला मामला नहीं है। क्षेत्र में बकरी चराने पहुंचे लोगों ने कुछ समय पहले भी यहां लैंड स्लाइड देखी गई थी। टनल के समीप कुछ समय पहले भी मलबा दहा था। बकरी चराने वाले लोगों ने मजदूरों से जानकारी ली तो उन्होंने निर्माण के लिए तैयार मलबा बता दिया था।
लगातार बारिश के कारण टनल के प्रवेश द्वार पर मिट्टी वाला कुछ हिस्सा धंसा था, वहां पानी का रिसाव भी हो रहा था। इससे घटना हुई है, यह लापरवाही नहीं है।- नागेश्वर राव, प्रोजेक्ट हेड, मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर
चोरल में टनल के आखिरी छोर पर कुछ हिस्सा गिरा है। हमने मौका मुआयना किया है। जांच को लेकर एनएचएआइ को ही निर्णय करना है।- राकेश परमार, एसडीएम महू, जिला इंदौर
Published on:
27 Jun 2025 10:43 am
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