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इंदौर. मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (mpca) की वार्षिक साधारण सभा (mgm) में सदस्यों की सहमति से तीन सदस्यीय क्रिकेट समिति को बर्खास्त कर दिया गया है। कमेटी और पदाधिकारियों के बीच पिछले करीब 6 महीने से चीफ कोच चंद्रकांत पंडित को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार को कमेटी को बर्खास्त करने के फैसला लिया गया है। राज्य सभा सदस्य और पूर्व अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में लिए गए इस निर्णय के साथ ही पंडित की नियुक्ति को हरी झंडी मिल गई है।
हालांकि क्रिकेट कमेटी इस मामले में पहले हाई कोर्ट जा चुकी है और उनकी याचिका विचाराधीन है। आशंका जताई जा रही है कि आगे जाकर मामले में कानूनी पैंच फंस सकता है। करीब पौने दो घंटे तक चली बैठक में कमेटी की बर्खास्तगी को लेकर कानूनी राय लेने के बाद भी निर्णय लिया गया है। सीनियर सदस्य दिलीप चुडगर ने प्रशांत द्विवेदी, योगेश गोलवलकर और मुर्तजा अली की तीन सदस्यी कमेटी को बर्खास्त करने का प्रस्ताव पेश किया था। नई क्रिकेट कमेटी गठन करने के अधिकार मैंनेजिंग कमेटी को दिए गए हैं।
सिंधिया के बिना शुरू हुई बैठक
पिछले करीब 17 साल में रविवार को पहली बार ज्योतिरादित्य सिंधिया की गैर मौजूदगी में एमपीसीए की एजीएम शुरू हुई। ब्रिलियंट कनवेंशन सेटर में हुई बैठक का समय शाम 5.30 बजे से था, लेकिन सिंधिया के लेट होने पर गुलरेज अली और विजय नायडू, लीलाधर पालीवाल ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर ने करीब 6 बजे बैठक शुरू कर दी। सिंधिया करीब 6.40 बजे बैठक में शामिल हुए, तब तक कई मुद्दों पर चर्चा हो चुकी थी। उनके आने के बाद क्रिकेट कमेटी का मुद्दा लाया गया। हालांकि सिंधिया ने कहा मैं नहीं जानता कौन सही है कौन गलत है, लेकिन जो गलत है उस पर कार्रवाई की जाए। कमेटी की बर्खास्तगी के फैसले के बाद सिंधिया ने चीफ कोच चंद्रकांत पंडित से मुलाकात की और उनकी तारीफ भी की। एजीएम में भी सिंधिया ने पंडित की काफी प्रशंसा की। सिंधिया सदस्य के रूप में बैठक में शामिल हुए।
अपने ही लोगों को किया आउट
खास बात यह है कि जिस कमेटी को रविवार को बर्खास्त किया है वह चुनाव में सिंधिया गुट से ही चुनाव जीतकर बनाई गई थी और महज एक साल में ही उन्हें विरोध के बाद हटा दिया गया। बर्खास्त करने के निर्णय पर कानूनी राय सदस्य और अतिरिक्त महाधिवक्ता अंकुर मोदी और प्रसुन कनमड़ीकर से ली गई। हालांकि संगठन के कुछ सदस्यों का कहना है यह चुनी हुई कमेटी थी, इन्हें हटाने के लिए कम से कम दो तिहाई सदस्यों की सहमति होना चाहिए, लेकिन एजीएम में 125 सदस्य ही आए थे जो कुल सदस्यों के आधे भी नहीं थे।
दो करोड़ 70 लाख के पुरस्कार बांटे गए
एमपीसीए के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में खिलाडिय़ों और सदस्यों में दो करोड़ 70 लाख रुपए के पुरस्कार वितरति किए गए। तीन दशक से मप्र क्रिकेट की प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े संजय जगदाले सहित सागर संभाग के सचिव फारूख खान, पूर्व क्रिकेटर भगवान दास सुधार और सुबोध सक्सेना को सिंधिया ने लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया। सभी को 5-5 लाख के चैक दिए गए। वर्ष 2019 और 2020 में प्रदेश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों, खिलाडिय़ों, प्रशिक्षकों को अवार्ड दिए गए। इस बार से महिला क्रिकेटरों के लिए विशेष पुरस्कार शुरू किए गए हैं।
संगठन को मिले 6 नए सदस्य
एजीएम में 6 नए सदस्यों के नामों को हरी झंडी दी गई। सिंधिया के सलाहकरा ग्वालियर के पुरुषोत्तम पाराशर, भोपाल के संजय पांडे, पूर्व क्रिकेटर सुनील धौलपुरे, महिला क्रिकेटर सुजाता कर्णिक, सतना के राजेश शुक्ला और भवानी जोशी के नामों को हरी झंडी दी गई।
मिनोती देसाई की किताब विमोचित
कार्यक्रम में सिंधिया और जगदाले ने मप्र की पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मिनोती देसाई की किताब शी द क्रिकेटर के अंग्रेजी और हिंदी संस्करण का विमोचन भी किया।
Published on:
08 Feb 2021 08:53 am
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