
आदिवासी सीटों पर खेल बिगाड़ेगा जयस
इंदौर. विधानसभा-2018 व पंचायत चुनाव में अपनी शक्ति का अहसास कराने वाले जयस संगठन के दोनों गुट अपने-अपने कार्यकर्ताओं को निर्दलीय चुनाव लड़ाने की तैयारी में हैं। एक संगठन का संचालन अंतिम मुजाल्दा तो दूसरे की कमान लोकेश मुजाल्दा के हाथ में है। 22 में से 18 स्थानों पर नाम लगभग तय हो गए हैं, जो दमदारी से चुनाव लड़ेंगे। ये सीधे तौर पर भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ेंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मिली सफलता के बाद जयस नेताओं के हौसले बुलंद हैं। उन्हें उम्मीद थी इस चुनाव में भाजपा-कांग्रेस उनके कार्यकर्ताओं को मौका देंगी। कांग्रेस ने महज सेंधवा से मोंटू सोलंकी को टिकट दिया, जबकि जयस 5 सीट पर दावेदारी कर रही थी। एक खेमा तो अब डॉ. हीरालाल अलावा को भी अपने खाते का नहीं मानता। उनका मानना है, अलावा कांग्रेस के हो गए हैं। इधर, भाजपा में कुछ जयस नेता भी शामिल हुए थे पर उन्हें भी पार्टी ने मौका नहीं दिया। इस कारण संगठन अब 22 आदिवासी सीटों पर चुनाव लडऩे जा रही है। सेंधवा में कांग्रेस के टिकट से लड़ रहे जयस के मोंटू सोलंकी के सामने भी आदिवासी अधिकारी व कर्मचारी संगठन (अकास) के पोरलाल खर्ते का नाम सामने आया है। उन्हें जयस के कुछ दूसरे नेता भी मदद कर रहे हैं। इनमें कई नाम तो ऐसे भी सामने आए हैं, जिन्होंने पंचायत चुनाव में अच्छा खासा प्रभाव दिखाया था। इधर, कांग्रेस का प्रयास है कि किसी भी तरह जयस नेताओं को मना लिया जाए, ताकि आदिवासी वोट न बंटे। हालांकि, अभी दोनों गुट पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
यह था 2018 का रिजल्ट
पिछले चुनाव में भाजपा को मालवा निमाड़ में सबसे ज्यादा झटका आदिवासी सीटों पर लगा था। 22 आदिवासी सीटों में से भाजपा के खाते में महज 5 आई थीं तो 17 पर कांग्रेस का कब्जा हुआ। इस चुनाव में जयस का पूरा समर्थन कांग्रेस को था। बाद में तीन उप चुनाव हुए, जिसमें भाजपा ने 2 पर जीत हासिल की तो एक पर कांग्रेस जीती। वर्तमान में भाजपा के पास 6 और कांग्रेस के खाते में 16 सीटें हैं।
दोनों गुट ने इन्हें उतारा चुनावी मैदान में
1. भीकनगांव - अश्विन धुर्वे,
सुरेश मुजालदे
2. भगवानपुरा - मोहन किराड़े और कालू खेड़े
3. सेंघवा - पोरलाल खर्ते (अकास संगठन के नेता)
4. राजपुर - सुमेर बड़ोले, सुनील सोलंकी
5. पानसेमल - गजानंद ब्राह्मणे (आदिवासी मुक्ति संगठन के संस्थापक भी हैं।)
6. अलीराजपुर - कमलसिंह मंडलोई (बिरसा ब्रिगेड के हैं, जिसे जयस का समर्थन है। )
7. जोबट - रिंकू बाला डाबर (जिला पंचायत सदस्य हैं, क्षेत्र में काफी मजबूत पकड़ है।)
8. झाबुआ - अमरसिंह भाबोर, जेवियर म़ेड़ा।
9. थांदला - मंजू डाबर
10. पेटलावद - बालू गामड़, प्रेम भूरिया।
11. सरदारपुर - राजेंद्र गामड़
12. कुक्षी - अंतिम मुजाल्दा (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जयस रहे हैं। )
13. मनावर - लालसिंह बरमन (आप पार्टी ने टिकट दिया है।
पूर्व जयस नेता व कांग्रेस
विधायक डॉ. हीरालाल अलावा चुनाव लड़ रहे हैं।)
14. धरमपुरी - भानू गिरवाल (जनपद सदस्य नालछा)
15. बागली - सूरज डावर
16. रतलाम ग्रामीण - डॉ. अभय ओहरी (जयस के संरक्षक रहे हैं, जो 60 दिन जेल भी रहकर आए।)
17. सैलाना - कमलेश्वर डोडियार ( जयस के क्षेत्रीय अध्यक्ष हैं। पिछली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़े थे, जिसमें 20 हजार वोट लाए थे।)
18. नेपानगर- नंदकिशोर दोंडी
Published on:
28 Oct 2023 08:04 pm
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