
पूर्व भाजपा पार्षद के संरक्षण में शुरू किया कब्जा, मंत्री के कथित पीए के नाम से देने लगा धमकी
इंदौर. जमीन पर कब्जा करने वाले बदमाश मुख्तियार ने पुलिस व राजनेताओं के गठजोड़ का फायदा उठाकर अपना अवैध कारोबार खड़ा किया। क्षेत्र के दो सीएसपी से उसकी नजदीकी थी, केबिन में बैठकर व गाड़ी में साथ घूमकर वह सब लोगों पर रौब झाड़ता था।
प्रारंभिक जांच में ही राधिकाकुंज में दो अन्य प्लॉट पर कब्जा करने के बाद मकान बनाकर बेचने के साथ ही एबी रोड के एक कैफे व मालवीय नगर इलाके में एक मल्टी बनाने की बात भी सामने आई है। मुख्तियार के खिलाफ पूर्व में जो दो शिकायतें हुई थी, उसकी फाइलें मिली हैं। हद यह है?कि जांच अधिकारी ने लिख दिया, शिकायत पर फरियादी बयान देने नहीं आ रहे हैं, इसलिए कैसा केस। अफसरों ने भी इसी आधार पर फाइल बंद कर वरिष्ठ अफसरों को भेजकर मामला रफा-दफा कर दिया।
जबकि आरोपी मुख्तियार के खिलाफ पहले महिला ने प्लॉट पर कब्जे की शिकायत की और फिर डॉ. नीरज गुप्ता ने। करीब डेढ़ साल पहले ये शिकायत हुई थीं, लेकिन मुख्तियार के चहेते अफसरों ने फाइल ही आगे नहीं बढऩे दी। हाल ही में एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र ने जानकारी निकाली तो पता चला कि दोनों फाइलें बंद कर दी गई हैं। दोनों मामलों की जांच एसआई दंडोतिया ने की थी। जांच में लिखा गया कि फरियादी बयान देने नहीं आए, उनसे फोन पर बात नहीं हो रही है। वरिष्ठ अफसरों ने भी इस आधार पर फाइल को बंद कर दिया। शिकायत की जांच के दौरान मुख्तियार लगातार थाने व सीएसपी के पास आता-जाता रहता था। धोखाधड़ी के मामले में आरोपी पंकज खंडेलवाल के साथ भी उसका आना-जाना था।
कॉल डिटेल से उजागर हुआ गठजोड़
सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने मुख्तियार के कॉल डिटेल निकाले हैं। इनकी छानबीन की तो पता चला, पूर्वी?क्षेत्र के दो सीएसपी के साथ मुख्तियार के अच्छे संबंध हो गए थे। वह अक्सर उनके केबिन में नजर आता था। गाड़ी में उनके साथ घूमता और लोगों पर उसी का रौब झाड़ता था। सूत्रों के अनुसार, एक बार तो प्रॉपर्टी के विवाद में एक सीएसपी पुलिस बल लेकर बिना सोचे-समझे ही उसकी मदद करने भी पहुंच गए थे। क्राइम ब्रांच की जांच में अफसरों के साथ मुख्तियार के लगातार फोन पर संपर्क में रहने की भी पुष्टि हो गई है। इनकी गतिविधियां भी घेरे में है।
मामू व साथी भी आए शक के घेरे में
विजयनगर टीआई तहजीब काजी ने आरोपी से पूछताछ की तो पूरा गठजोड़ सामने आ गया। आरोपी अब कह रहा है कि उसके मामू ने जमीनों में पैसा लगाया था। कब्जे के मामले में एक साथी फारुख की भी भूमिका सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, इन्हें भी मामले में आरोपी बनाया जा सकता है। मुख्तियार एबी रोड पर भी एक कैफे चलाता था। वहां भी कब्जे की बात सामने आई है, लेकिन उसका कहना है कि कैफे किराए पर लिया था। कैफे मालिक के भी पुलिस बयान लेगी। राधिकाकुंज में दो प्लॉट पर कब्जा करने के बाद बेचने की बात कबूली है, जिन लोगों ने मकान खरीदे उनके बयान लिए जाएंगे।
मोबाइल में मिले रुपए देने के वीडियो
मुख्तियार के खिलाफ उसके साथी इरफान के भाई इमरान ने भी प्लॉट पर कब्जे की शिकायत की है। मुख्यिार के मोबाइल की जांच में कई लोगों को रुपए देने के वीडियो भी मिले है जिसकी जांच की जा रही है।
हक मांगा तो दिखाई पिस्टल, भाई ने की फायर की कोशिश
मुख्तियार ने डॉ. नीरज गुप्ता के प्लॉट पर तथा बडऩगर में वृद्ध महिला की जमीन पर कब्जा किया था। महिला जब अपना हक मांगने गई तो बदमाश ने उसके सामने टेबल पर पिस्टल रख दी और भाई ने पिस्टल चलाने का प्रयास किया था। महिला अभी अपने मायके में है। अब जाकर उसकी शिकायत पर धमकाने का केस दर्ज करने की तैयारी है। हाल ही में मुख्तियार पर पांच केस दर्ज हो चुके है। डॉ. गुप्ता के मामले में भी केस दर्ज करने के आदेश हुए हैं। मुख्तियार का आज रिमांड खत्म होना है। नए मामले में गिरफ्तारी लेकर रिमांड मांगा जा सकता है।
एक ही मामला मैंने देखा दूसरे की जांच सीएसपी ने की
मुख्तियार के खिलाफ आई शिकायतों की फाइल बंद करने के मामले में जब एसआई आरएस दंडोतिया से बात की तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिए।?दंडोतिया इस समय राऊ थाने में पदस्थ है। उनका कहना है, शिकायत करने के बाद फरियादी बयान ही नहीं दे रहे थे। यहां तक कि मैंने डॉ. गुप्ता को बयान के लिए नोटिस भी दिया था।?वे आए नहीं, इसलिए जांच आगे नहीं बढ़ पाई। निर्मला जैन वाली जांच तत्कालीन सीएसपी कर रहे थे, इसलिए मैंने उन्हें फाइल सौंप दी थी। उस पर आगे क्या हुआ मेरी जानकारी में नहीं है।
मंत्री के कथित पीए के जरिए अफसरों से करता था संपर्क
मुख्तियार के पूछताछ में पता चला कि इंदौर आने के बाद पुताई का काम करने के दौरान वह एक कद्दावर मंत्री के रिश्तेदार भाजपा के पूर्व पार्षद के संपर्क में आया। उक्त पूर्व पार्षद भी जमीनों के विवाद निपटाते थे। उनसे इसने जमीनों पर विवाद करना व कब्जा करना सीखा। नई सरकार आने के बाद मंत्री के कथित पीए के नाम से वह अफसरों से संपर्क करता था। मुख्तियार को जब विजयनगर पुलिस ने पकड़ा तो कुछ देर बाद ही उक्त कथित पीए ने फोन कर उसे छुड़वाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाया। साथी पंकज खंडेलवाल के जरिए कई जमीनों के खेल किए। जिस जमीन को लेकर विवाद की बात पहले सामने आई थी, उसकी रजिस्ट्री के दावे किए जा रहे हैं। खंडेलवाल की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में उससे पूछताछ होगी।
Published on:
13 Aug 2019, 11:37 AM IST
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