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सबसे गंदे रोग का इंदौर में सबसे अच्छा इलाज, महिलाओं के लिए शुरु हुई आधुनिक दर्द रहित तकनीक

देश-दुनिया की तरह एमपी में भी कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। महिलाओं को सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर होता है। इस गंदे रोग के कारण प्रदेश में अनेक महिलाओं की मौत हो रहीं हैं। वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, देश में कैंसर से हर आठ मिनट में एक महिला की मृत्यु होती है। इसे रोकने के लिए इंदौर के एमवाय अस्पताल में नई तकनीक से इलाज की सुविधा शुरु हुई। यह सेंट्रल इंडिया का पहला अस्पताल है जहां इस दर्दरहित आधुनिक तकनीक से कैंसर का इलाज किया जाएगा।

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पहला अस्पताल है जहां इस दर्दरहित आधुनिक तकनीक से कैंसर का इलाज किया जाएगा

देश-दुनिया की तरह एमपी में भी कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। महिलाओं को सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर होता है। इस गंदे रोग के कारण प्रदेश में अनेक महिलाओं की मौत हो रहीं हैं। वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, देश में कैंसर से हर आठ मिनट में एक महिला की मृत्यु होती है। इसे रोकने के लिए इंदौर के एमवाय अस्पताल में नई तकनीक से इलाज की सुविधा शुरु हुई। यह सेंट्रल इंडिया का पहला अस्पताल है जहां इस दर्दरहित आधुनिक तकनीक से कैंसर का इलाज किया जाएगा।

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इंदौर में ब्रेस्ट कैंसर व ब्रेस्ट के अन्य ट्यूमर के रोगियों के इलाज के लिए एमवाय अस्पताल में एगजिलो स्कोपी की शुरुआत हुई है। यह पूरी दुनिया में ब्रेस्ट कैंसर की सबसे आधुनिक तकनीक है जो दर्द रहित होती है। ओपन सर्जरी के बजाय अब इस तकनीक से ऑपरेशन किए जाएंगे।

इसके तहत एक महिला की सफल सर्जरी की गई है। महिला का सफल ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. अरविंद घनघोरिया, डॉ. फरीद खान, डॉ. नवीन गुप्ता, एनेस्थीसिया इंचार्ज डॉ. रितु पोराणिक व डॉ. मनीष बंजारे शामिल रहे।

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एमवायएच इस तकनीक से इलाज करने वाला सेंट्रल इंडिया का पहला अस्पताल बन चुका है। ब्रेस्ट कैंसर में सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी व हारमोनल थेरेपी से इलाज किया जाता है। पहले सर्जरी द्वारा पूरा ब्रेस्ट व एगजिला नोड को चीरा लगाकर निकाला जाता था। अब पूरा ब्रेस्ट न निकालकर सिर्फ ट्यूमर छोटे से चीरे से निकाला जाता है।

एगजिला की नोड को चीरा लगाकर दूरबीन पद्धति से एगजिलो स्कोपी से निकाला जा रहा है। इस पर पिछले एक साल से एमवायएच के डॉक्टर काम कर रहे थे।

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सन 2022 में कैंसर के मरीजों की संख्या के मामले में मप्र देश में सातवें नंबर पर था। मप्र में वर्ष 2021 में कैंसर मरीजों की संख्या 79871 थी, जो 2022 में 81901 हो गई। देश में सबसे अधिक 210958 मरीज उप्र में हैं। महाराष्ट्र में 121717 तो पश्चिम बंगाल में इस साल कैंसर मरीजों की संख्या 113581 है। महिलाओं में कैंसर के मामलों में भी मप्र सातवें पायदान पर है।

यूं तो महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर बेहद घातक हैं पर बच्चेदानी का कैंसर भी बहुत बुरा साबित हो रहा है। इस गंदे रोग के कारण देश के साथ ही प्रदेश में भी अनेक महिलाओं की मौत हो रहीं हैं। वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कैंसर के कारण हर आठ मिनट में एक महिला की मृत्यु होती है।

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