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VIDEO : स्ट्रीट लाइट सुधार रहे कर्मचारी को लगा करंट, हाथ से लेकर सिर तक बुरी तरह जला, मौत पर परिजन ने किया चक्काजाम

निगमायुक्त आशीष सिंह ने कहा कि परिवार को सवा दो लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।

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इंदौर

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Hussain Ali

Aug 18, 2019

indore

VIDEO : स्ट्रीट लाइट सुधार रहे कर्मचारी को लगा करंट, हाथ से लेकर सिर तक बुरी तरह जला, मौत पर परिजन ने किया चक्काजाम

इंदौर. शनिवार को नगर निगम कर्मचारी को स्ट्रीट लाइट सुधारने के दौरान करंट लगने से गंभीर हालत में भर्ती कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई। एक माह में यह चौथा कर्मचारी है, जिसे बरसात के दौरान करंट लगा है। मौत से आक्रोशित परिजन ने रविवार को बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। परिजन की मांग थी कि निगम उन्हें 10 लाख रुपए सहायता राशि दें। मृतक की बच्ची की शिक्षा की जवाबदारी लें। साथ ही मृतक की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। निगमायुक्त आशीष सिंह ने कहा कि परिवार को सवा दो लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।

शनिवार को भी आजादनगर क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट सुधारने के लिए नगर निगम विद्युत विभाग के कर्मचारी दिलीप सोलंकी को करंट लग गया, जिससे उसके हाथों से लेकर सिर तक का हिस्सा बुरी तरह जलने के बाद निगम कर्मचारी एमवायएच लेकर गए। शाम तक किसी भी निगम अफसर ने उसकी सुध नहीं ली। हालत बिगडऩे पर उसके परिजन इलाज के लिए गोकुलदास हॉस्पिटल ले गए। वहां से अन्य अस्पताल में रैफर किया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। सोलंकी की 8 माह पहले ही नगर निगम में नियुक्ति हुई थी।

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साथी के साथ हादसे की खबर लगते ही शाम को शहर में स्ट्रीट लाइट्स सुधारने निकली निगम की गाडिय़ों के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और सभी गाडिय़ां रात 9 बजे तक नगर निगम वापस लौट आई। बीते साल भी बरसात के दौरान लाइन सुधारने का काम करने के दौरान पोलोग्राउंड के पास नगर निगम की हाइड्रोलिक गाड़ी में करंट उतरने से गाड़ी के कांच और टायर तेज आवाज के साथ फट गए थे।

दोपहर में कर्मचारी के साथ हुई इस घटना की जानकारी रात तक निगम के वरिष्ठ अफसरों को नहीं थी। नगर निगम के अपर आयुक्त एस चैतन्य कृष्ण का कहना था कि कर्मचारी के साथ हादसे की उन्हें जानकारी तक नहीं दी थी। अपर आयुक्त के मुताबिक निगम की गाडिय़ों और कर्मचारियों को सुरक्षा के पूरे संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। उसके हिसाब से हादसे नहीं हो सकते हैं।

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1 माह में 4 घटना

- 7 दिन पहले विमल वर्मा करंट लगने से खंभे से गिर पड़ा था, उसके हाथ और पैरों में फ्रेक्चर हो गए। उसे कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल नंदानगर में भर्ती कराया गया था।

- 10 दिन पहले दया नाम का कर्मचारी करंट लगने से गिर पड़ा था। हाथ में फ्रेक्चर हुआ।

- 25 दिन पहले विजय कुमार को करंट से गर्दन में चोट आई।

- कैलाश नाम के कर्मचारी का करंट लगने से हाथ जला था।