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बच्चे के दिल में है छेद या कोई बीमारी ? इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा विदेश, ये है बायपास सर्जरी की नई टैक्नीक

Heart Operations: सुपर स्पेशियलिटी में अब छोटे चीरे से हो सकेंगे बच्चों के दिल के ऑपरेशन, 11 माह में सौ से अधिक हार्ट ऑपरेशन किए, फेफड़ों से संबंधित 200 ऑपरेशन

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Heart Operations

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Heart Operations: सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के सीटीवीएस विभाग में जल्द ही बच्चों के दिल से जुड़े ऑपरेशन शुरू होंगे। जो छोटे चीरे की आधुनिक तकनीक से किए जाएंगे। इसे लेकर उपकरण और डॉक्टर्स का प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है।विभाग में पिछले 11 माह में 100 से अधिक सफल हार्ट सर्जरी की जा चुकी हैं, जिसमें बायपास सर्जरी, हार्ट वाल्व के ऑपरेशन और जन्मजात हार्ट की बीमारी शामिल हैं। सहायक प्राध्यापक डॉ. पीयूष गुप्ता ने बताया, पिछले 1 वर्ष में कई मरीजों की बायपास सर्जरी की गई है। इसमें छाती की नस, हाथ की नस का उपयोग करके ऑपरेशन किया गया, जो बायपास सर्जरी की एक नई पद्धति है।

सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकुर गोयल ने बताया, हार्ट सर्जरी के अलावा भी विभाग में सर्जरी हुई है। इसमें फेंफड़ों की बीमारियों से संबंधित 200 से अधिक सफल ऑपरेशन हुए हैं। किडनी रोगियों के डायलिसिस के लिए 300 से अधिक ऑपरेशन किए गए। हाथ-पैर की धमनियों के 100 से अधिक सफल ऑपरेशन किए गए। हृदय रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अजयदीप भटनागर ने बताया, जल्द ही कार्डियक साइंसेस विभाग में नई व आधुनिक पद्धति से हृदय के गंभीर रोगियों का उपचार किया गया।

डॉ. सुमित प्रताप सिंह, विभागाध्यक्ष सीटीवीएस विभाग, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का कहना है कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अप्रेल 2023 में ओपन हार्ट सर्जरी शुरू हुई थी। यहां पर पांच सीटीवीएस सर्जन हैं। जल्द ही बच्चों की दिल से जुड़ी बीमारियों के ऑपरेशन शुरू किए जाएंगे।