
banking fraud
इंदौर। बैंकों का ऑडिट करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी जरूरी है। ऐसे खातों को विशेष तौर पर देखना चाहिए, जिनमें लंबे समय से ट्रांजेक्शन नहीं हुआ हो। अकसर ऐसे खातों में धोखाधड़ी करते हुए दूसरे खातों में राशि ट्रांसफर कर ली जाती है। बैंक ऑडिट के दौरान आने वाली समस्याओं के निराकरण और बैंकिंग फ्रॉड रोकने के लिए सीए इंदौर शाखा जल्द ही हेल्पलाइन बनाएगी।
यह जानकारी आइसीएआइ इंदौर शाखा के अध्यक्ष सीए आनंद जैन ने दी। वे करीब दो बाद ऑफलाइन मोड पर हुई कॉन्फ्रेंस के समापन अवसर पर बोल रहे थे। मुख्य वक्ता बड़ौदा के नयन कोठारी थे। उन्होंने बताया कि बैंकों में जमा पूंजी का दुरुपयोग रोकने के लिए वित्तीय वर्ष के ऑडिट में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की भूमिका अहम होती है।
बैंक ऑडिट के दौरान सही ऑडिट प्लानिंग जरूरी है। बैंक द्वारा दिए लोन और एडवांस में यह देखना होता है कि बैंक ने लोन और एडवांस देने के लिए सही डॉक्यूमेंटेशन किया है या नहीं। अहमदाबाद से आए सीए हितेश पोमल ने कहा कि देश में आए दिन बैंक घोटालों के मामले सामने आते हैं। पता चलता है कि एनपीए का सही क्लासिफिकेशन न होने या किसी फ्रॉड की वजह से जनता की बचत का पैसा डूब गया। ऐसे में बैंकिंग से विश्वास उठता है। इससे बचने के लिए आरबीआई के नियमों के आधार पर ही बैंको का ऑडिट किया जाना चाहिए।
कृषि लोन संबंधित विषय पर एसबीआइ के सनमत जैन ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की प्राप्ति व कृषि के विकास में बैंकों का महत्वपूर्ण योगदान है। देश की जीडीपी में कृषि का 17 प्रतिशत योगदान है, इसलिए बैंक कम ब्याज दर पर कृषि ऋण मुहैया करवाती है।
समय पर जमा हो स्टॉक स्टेटमेंट
सेमिनार के तीसरे सत्र में सीए कीर्ति जोशी के संचालन में में सीए विक्रम गुप्ते, सीए तन्मय राजुरकर, सीए संतोष देशमुख एवं सीए एसआ तोतला ने बैंक ऑडिट से संबंधित 50 से अधिक प्रश्नों के उत्तर दिए। एक्सपर्ट पैनल ने बताया कि सीसी लिमिट अकाउंट का रिव्यू करते समय ध्यान रखना चाहिए कि स्टॉक स्टेटमेंट समय-समय पर बैंक में जमा हो रहे हैं या नहीं। स्टॉक स्टेटमेंट और देनदारों के स्टेटमेंट का तुलनात्मक अध्यन करते हुए उसका बैलेंस शीट और प्रॉफिट लॉस स्टेटमेंट से मिलान जरूर करें, क्योंकि कई व्यापारी बैंकों को सही जानकारी नहीं देते हैं।
Published on:
28 Mar 2022 04:28 pm
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