
vehicle transfer
इंदौर। परिवहन विभाग लर्निंग लाइसेंस के बाद अब वाहन ट्रांसफर की सुविधा भी घर बैठे देने की व्यवस्था करने वाला है। 14 दिसंबर से पुरानी व्यवस्था बंद हो जाएगी। क्रेता-विक्रेता का वेरिफिकेशन करने के लिए दोनों के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा। आरटीओ से एवजी-एजेंट का दखल कम करने और आम लोगों की आसानी के लिए केंद्र सरकार सभी सुविधाएं ऑनलाइन कर रही है। पहले सारथी पोर्टल लॉन्च किया गया, जिसमें ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। बाद में इसमें रिन्यूअल की सुविधा भी जोड़ी गई। 1 अगस्त से वाहन पोर्टल के माध्यम से डीलरों को वाहन रजिस्ट्रेशन के अधिकार दिए गए। अब पुराना वाहन बेचने के बाद ऑनलाइन ट्रांसफर की प्रक्रिया की जा सकेगी।
क्रेता-विक्रेता का होगा वेरिफिकेशन
पुरानी व्यवस्था के तहत दोनों पक्षों को आरटीओ आना पड़ता था। संबंधित सीरीज के शाखा प्रभारी दोनों से अपने सामने हस्ताक्षर करवाकर प्रक्रिया पूरी कराते थे। नई व्यवस्था के तहत दस्तावेजों को ऑनलाइन स्कैन किया जाएगा। लाइसेंस आवेदन की तर्ज पर आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी से क्रेता-विक्रेता का वेरिफिकेशन होगा। आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि हर दिन 300 से अधिक वाहनों के ट्रांसफर आवेदन आते हैं। 14 से पुरानी व्यवस्था बंद हो जाएगी। शुरुआती एक-दो दिन तकनीकी दिक्कत आ सकती है। जल्द ही लोगों को वाहन ट्रांसफर के लिए कार्यालय नहीं आना पड़ेगा।
दोनों पार्टी के पास आएगा ओटीपी
आनरशिप ट्रांसफर करने के लिए मप्र परिवहन की वेबसाइट पर जाना होगा। यहां एनआईसी की लिंक मिलेगी, यहां वाहन की आनरशिप ट्रांसफर पर बेचने वाले को क्लिक करना होगा। इसमें दिए गए फॉर्म को भरने के बाद बेचने वाले के आधार से उसका डाटा, लाइसेंस की तरह ही उठा लिया जाएगा। इसके बाद एक ओटीपी आएगा, जिसे डालने पर वाहन बेचने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अब नंबर आएगा खरीदार का, जो आनलाइन आवेदन पर खरीदी जाने वाली गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालेगा। इसके बाद बेचने वाले द्वारा भरी गई जानकारी उसके सामने आ जाएगी। यदि खरीदार ने संबंधित वाहन को खरीदने के लिए ओके कर दिया, तो उसके पास भी ओटीपी आएगा, जिसे लोड करते ही वाहन की आनरशिप बदलने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
Published on:
13 Dec 2022 05:42 pm
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