इंदौर. लोढ़ा कमेटी की सिफारिश रूपी 'अंपायरिंग' को देखते हुए सोमवार को हुई मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) की वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) में संजय जगदाले की अध्यक्षता में पुरानी कार्यकारिणी को जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस टीम में ज्योतिरादित्य सिंधिया चेयरमैन की भूमिका में ही रहेंगे। लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही संगठन के अगले चुनाव होंगे।
एमपीसीए को चुनावी वार्षिक साधारण सभा की स्वतंत्रता, चुनावी पिच पर फंसा पेंचहोलकर स्टेडियम में एमपीसीए की वार्षिक साधारण सभा में मौजूद सदस्यों की सहमति से यह निर्णय लिया गया। स्टेडियम के एमके भार्गव कॉन्फ्रेंस हॉल में सुबह 11.30 बजे शुरू हुई बैठक दोपहर 1.20 बजे तक चली। इसमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन सहित अन्य जिलों से 168 से अधिक सदस्य शामिल हुए। बैठक से पूर्व सभी सदस्यों को लोढ़ा कमेटी द्वारा भेजे चुनाव न कराने के पत्र की कॉपी दी गई थी।
सचिव मिलिंद कनमड़ीकर ने कहा कि अब हमारा पहला लक्ष्य अगले महीने होने वाले टेस्ट मैच की सफल मेजबानी है, तैयारियां तेज की जाएंगी। उधर, सिंधिया ने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार देखने में आ रहा है कि मीडिया में आंतरिक जानकारियां साझा कर कई सदस्य जान-बूझकर परेशान कर रहे हैं। संस्था की छवि खराब कर रहे हैं, अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संस्था क्रिकेट चलाए या कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटती रहे। संगठन पर अनावश्यक दबाव बनाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
हितों का टकराव रोकने के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज को बनाएंगे लोकपाल मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) की सोमवार को होलकर स्टेडियम में हुई वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) में ज्योतिरादित्य सिंधिया और संजय जगदाले की पुरानी टीम को जिम्मेदारी सौंपने के साथ अहम विषयों पर निर्णय हुए। लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लेकर जमी फील्डिंग पर विरोधियों ने धारदार गेंदबाजी की। इस पर कार्यकारिणी बैकफुट पर आकर अनुशासन में रहकर बेटिंग करने की बात लगी।
संगठन में हितों के टकराव से होने वाले विवादों को सुलझाने के लिए लोकपाल (ओम्बूड्समैन) की नियुक्ति का फैसला लिया है। लोकपाल की जिम्मेदारी संगठन के सदस्यों के बजाय हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज को सौंपी जाएगी। अनुशासन के लिए एथिक्स एंड कोड ऑफ कंडक्ट (नैतिकता एवं उसकी आचार संहिता) कमेटी का गठन किया जाएगा। गत दिनों एमपीसीए को भेजे गए शिकायती ई-मेल सार्वजनिक होने से संगठन की छवि खराब हुई थी। इस पर सदस्यों ने नाराजगी जाहिर की। होलकर स्टेडियम में क्लब हाउस बनाने की मांग को भी सदस्यों ने खारिज कर दिया है।
पालीवाल का वॉकआउटअधिकांश सदस्यों को सिंधिया-जगदाले की तारीफ करते देख लीलाधर पालीवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बैठक में बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा, इसलिए वॉकआउट कर रहा हूं।
एमपीसीए की पिच पर चुनाव का जोरदार मैच शुरू, सोमवार को अहम एजीएमसुथार के विरोधी स्वर : वकीलों पर खर्च क्यों? भगवानदास सुथार ने वकीलों पर किए जा रहे खर्च पर नाराजगी जाहिर की। पूर्व से चल रहे और नए केसों पर हो रहे खर्च को कम करने की बात कही। उन्होंने मनोहर शर्मा के साथ चल रहे विवाद को भी उठाया, जिस पर सिंधिया ने उन्हें यह कहते हुए चुप करा दिया कि यहां व्यक्तिगत विवादों के बजाय संगठन की बात की जाए। इस मुद्दे पर दोनों में बहस भी हुई।
शेखावत के नए समीकरण आईडीसीए अध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय के साथ चुनाव लडऩे वाले करणसिंह शेखावत ने बैठक में जगदाले-सिंधिया की नीतियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में संगठन ने सफलता की नई ऊंचाइयां छू रहा है। जिन्होंने जिंदगी में कभी बल्ला नहीं पकड़ा, आज वे संगठन की बुराई कर रहे हैं। इन पर कार्रवाई होना चाहिए।
मनमाने हो रहे फैसले हाई कोर्ट में याचिका लगाने वाले पालीवाल ने एजीएम पर आपत्ति लेते हुए कहा कि हमें लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को मानना होगा। संगठन में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। कार्यकारिणी मनमाने अंदाज में फैसले ले रही है, जो गलत है। सिंधिया ने कहा कि हमारी संस्था में सबकुछ नियमानुसार हो रहा है। यदि हर सदस्य कोर्ट जाएगा तो यहां क्रिकेट का काम कौन करेगा।
एमपीसीए कार्यकारिणी...अध्यक्ष : संजय जगदाले
चेयरमैन : ज्योतिरादित्य सिंधिया
उपाध्यक्ष : डॉ.एमके भार्गव, अशोक जगदाले, नरेंद्र हिरवानी
सचिव : मिलिंद कनमड़ीकर
सह सचिव : पंकज पांडे, संदीप मुंगरे
कोषाध्यक्ष : प्रवीण कासलीवाल
व्यक्तिगत सदस्य : करणसिंह शेखावत, राजूसिंह चौहान, प्रेम पटेल, रवि भास्कर
संस्थागत सदस्य : क्रिकेट क्लब ऑफ इंदौर, स्टार क्रिकेट, यंगमेंस क्रिकेट क्लब, सिंधिया स्कूल
शेड गिरने से मची अफरा-तफरीबैठक के दौरान तेज बारिश से एजीएम हॉल के बाहरी हिस्से में लगे शेड में पानी भर गया। कर्मचारी खाली करने लगे तो शेड टूट गया और पानी हॉल में आ गया। कोई हताहत तो नहीं हुआ, लेकिन अफरातफरी मच गई।
झलकियां 11.15 बजे स्टेडियम पहुंचने के बाद सिंधिया ने कैंटीन में जगदाले, एमके भार्गव, महेंद्र सेठिया से चर्चा की।
सीनियर एडवोकेट सीएस बागडिय़ा से सलाह के बाद सिंधिया एजीएम में शामिल हुए।
सबसे पहले अध्यक्ष जगदाले ने गत वर्ष के मिनट्स, बैलेंसशीट और टेस्ट मैच मेजबानी की जानकारी दी।
कार्यकारिणी सदस्य राजूसिंह चौहान ने जगदाले की प्रशंसा करने के साथ संस्था की छवि खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने संजीव गुप्ता सहित उनके जैसे लोगों को बाहर करने की मांग की।
शरद कनमड़ीकर, जबलपुर के निशित पटेल ने भी यही मांग की।सुभाष बायस ने कहा कि एजीएम में टेस्ट मैच के मुद्दे पर चर्चा के बजाय बेकार की बहस हो रही है।
एजीएम के प्रमुख निर्णयहितों के टकराव को लेकर लोकपाल की नियुक्ति होगी।
अनुशासन के लिए एथिक्स एंड कोड ऑफ कंडक्ट कमेटी बनाई जाएगी।
होलकर स्टेडिमय में क्लब हाउस नहीं बनेगा
जब तक लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लेकर स्थिति साफ नहीं होती, जगदाले के नेतृत्व में पुरानी कमेटी संस्था का संचालन करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को 4 से 6 महीने में सिफारिशें लागू करने के आदेश दिए हैं, जबकि राज्य संस्थाओं को भी एक साल लगेगा। कोर्ट के फैसले के खिलाफ बोर्ड ने पुनरीक्षण याचिका दायर की है। स्थिति साफ होने तक इसी कमेटी को कंटीन्यू करने पर सहमति जताई गई है।
-ज्योतिरादित्य सिंधिया, चेयरमैन, एमपीसीए