
Khajrana Ganesh: मध्यप्रदेश के इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। एक तरफ जहां मंदिर की सुरक्षा को चाक-चौबंध करने के लिए 80 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तो वहीं 4 थानों से पुलिसकर्मियों को मंदिर परिसर के भीतर और बाहर तैनात किया जा रहा है। बता दें कि गणेश चतुर्थी पर खजराना गणेश का श्रृंगार 3 करोड़ रूपए के गहनों से किया जाएगा और इसी के चलते सुरक्षा व्यवस्था काफी चाक चौबंद की गई है।
खजराना गणेश का श्रृंगार 3 करोड़ रुपयों के आभूषणों से किया जाएगा। यह आभूषण खजराना गणेश के ही हैं जिसे जिला प्रशासन की ट्रेजरी में रखा जाता है। इस बेशकीमती और भव्य श्रृंगार के अलावा इस बार खजराना गणेश को सवा लाख से ज्यादा मोदक का महाभोग लगाया जाएगा। अभी तक 80 हजार मोदक तैयार हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक गणेश चतुर्थी के दिन सुबह 10 बजे इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह ध्वजा पूजन के साथ खजराना गणेश को सवा लाख मोदक का भोग लगाएंगे और उसके बाद इन मोदक का प्रसाद के रूप में वितरण किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस बार खजराना गणेश मंदिर में 15 लाख से भी ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
इंदौर का खजराना स्थित गणेश मंदिर का निर्माण 1735 में होलकर वंश की महारानी अहिल्या बाई ने करवाया था। मान्यताओं के अनुसार होल्कर शासन काल के दौरान एक पंडित मंगल भट्ट को सपना आया जिसमें उसे भगवान गणेश ने बताया कि उनके घर के बावड़ी में उनकी एक मूर्ति है जिसे उसे निकालना होगा। इस स्वपन की बात पंडित मंगल भट्ट ने होल्कर महारानी अहिल्याबाई होल्कर को बताई। उन्होंने पंडित को स्वपन को गंभीरता से लिया और बावड़ी में से मूर्ति खोजकर निकालने का काम शुरू हुआ। मंगल भट्ट की बात सच निकली और बावड़ी से सच में गणेश की मूर्ति निकली। इसके बाद अहिल्याबाई होल्कर ने इस जगह ही मूर्ति स्थापित करवाई और मंदिर बनवा दिया
Updated on:
06 Sept 2024 07:53 pm
Published on:
06 Sept 2024 07:51 pm
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