
path india ltd punit agrawal
इंदौर। पातालपानी के पास फार्म हाउस ( Patal pani farm house ) में उद्योगपति पुनीत अग्रवाल समेत उनके परिवार के 6 लोगों की मौत ने पूरे प्रदेश को झंकझोर दिया। पुनीत अग्रवाल पाथ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मालिक थे।
महू के पास स्थित पातालपानी में उद्योगपति और पाथ इंडिया लिमिटेड ( path india ltd ) के मालिक पुनीत अग्रवाल का फार्म हाउस है। वे 31 दिसंबर को अपने परिवार के साथ वहां पहुंचे थे। तभी वे फार्म हाउस से जंगल, पहाड़ और सनसेड देखने के लिए लिफ्ट में चढ़े थे। अचानक लिफ्ट पलट गई और पूरा परिवार एक-एक करके फर्श पर आ गया। हादसे में एक ही परिवार के 6 लोग खत्म हो गए। नए साल की खुशियां मनाने गए परिवार की अर्थियां भी 1 जनवरी 2020 को उठीं। इस हादसे ने हर किसी को रुला दिया।
विंबलडन के शौकीन थे पुनीतपुनीत अग्रवाल के निधन से इंदौर से लेकर मुंबई तक सारे दोस्त और रिश्तेदार भी दुखी हो गए। उनके बचपन के मित्र राहुल पाराशर समेत ज्यादातर दोस्त इंदौर से बाहर नए साल का जश्न मनाने गए थे। राहुल को जैसे ही खबर लगी वे तुरंत इंदौर के लिए रवाना हो गए। पुनित अग्रवाल के दामाद पल्केश का इंदौर में यूपी-गुजरात फ्रंट केरियर्स नाम से ट्रांसपोर्ट का कारोबार है।
इनकी हुई मौत
हादसे में जाने माने उद्योगपति पुनीत अग्रवाल, उनके दामाद ट्रांसपोर्टर पल्केश पुत्र मुकेश अग्रवाल निवासी डीबी सिटी इंदौर, बेटी पलक, पोता नव, पल्केश के जीजा गौरव अग्रवाल निवासी मुंबई, गौरव के बेटे आर्यवीर की मौत हो गई। गौरव की पत्नी निधि हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई है। बताया जाता है कि वो गर्भवती थी।
लॉन टेनिस के शौकीन थे पुनीत
पुनीत अग्रवाल के करीबी बताते हैं कि उनकी लाइफ स्टाइल सादगीपूर्ण और व्यवस्थित थी। वे लॉन टेनिस के बेहद शौकीन थे। उन पर विंबलडन देखने का ऐसा जुनून था कि वे लंदन तक उसे देखने चले जाते थे।
-पुनीत अग्रवाल ने हाल ही में इंदौर के डेली कॉलेज में आयोजित मध्यप्रदेश स्टेट रैंकिंग मैन डबल्स टेनिस स्पर्धा में भी भाग लिया था। उनका शौक ऐसा था कि पातालपानी स्थित फार्म हाउस पर भी उन्होंने टेनिस कोर्ट बनवा लिया था।
-महू शहर के केंटोनमेंट ऑफिस के कैंपस में टेनिस कोर्ट में भी खेलने अक्सर चले जाते थे। शहर में किसी भी तरह का बड़ा सामाजिक अथवा खेल का कार्यक्रम होता तो वे उसके प्रायोजक बन जाते थे। वे हर साल इंदौर में होने वाली मैराथन दौड़ के प्रायोजक भी बनते थे। इसके अलावा वे समाज के कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़क हिस्सा लेते थे।
जब टाइगर को लिया था गोद
उद्योगपति पुनित अग्रवाल बेहद संवेदनशील थे। उन्होंने 2018 में बाल दिवस के दिन ही अपने पोते नव के नाम से इंदौर के चिड़ियाघर में एक बाघ के शावक को गोद लिया था। उस शावक का नाम भी टाइगर नव रखा गया था। इसके लिए करीब दो लाख 31 हजार रुपए का चेक उन्होंने दिया था। बताया जाता है कि उनका परिवार अक्सर उस टाइगर के शावक से मिलने पहुंच जाते थे।
76 नंबर का जुनून
पाथवे इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मालिक पुनीत अग्रवाल के करीबी बताते हैं कि उन्हें 76 अंक से बेहद प्यार था। उनके बंगले का नंबर 76 था। उनकी सभी गाड़ियों में आगे पीछे कहीं न कहीं 76 नंबर लिखा होता था।
लोगों के मददगार थे
वे अक्सर अग्रवाल समाज के कार्यक्रमों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेते थे। हर किसी की मदद के लिए भई हमेशा तैयार रहते थे। उनके बारे में बताया जाता है कि वे सड़क के नामी ठेकेदार थे। देशभर में उनके कई टोल प्लाजा चल रहे हैं। उनके संस्थान में चार हजार से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं।
Updated on:
02 Jan 2020 06:04 pm
Published on:
02 Jan 2020 06:03 pm
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