2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पत्रिका के पाठक इंदौर के प्रकाशचंद्र शर्मा ने जीती फैमिली कार, ऐसे जाहिर की खुशी

परिवार में आई दोहरी खुशी

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Reena Sharma

Aug 24, 2019

पत्रिका के पाठक इंदौर के प्रकाशचंद्र शर्मा ने जीती फैमिली कार, ऐसे जाहिर की खुशी

पत्रिका के पाठक इंदौर के प्रकाशचंद्र शर्मा ने जीती फैमिली कार, ऐसे जाहिर की खुशी

इंदौर. शुक्रवार का दिन रिंग रोड स्थित पिंक सिटी में रहने वाले 81 वर्षीय प्रकाशचंद्र शर्मा के लिए दोहरी खुशी लेकर आया। प्रकाशचंद्र शर्मा ने पत्रिका के धूम मचा दे ऑफर (जीतो करोड़ों के लाखों उपहार) में पुरस्कार में फैमिली कार जीती है। एक दिन पहले जब उन्हें यह जानकारी पत्रिका कार्यालय से दी गई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपने दोनों बेटों के साथ पत्रिका के ब्रांच हेड विजय जैन और चीफ मैनेजर (वितरण) जगदीश कन्डीरा ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता देकर बधाई दी। शर्मा अपने दोनों बेटों सुनील और मयंक के साथ कार्यालय पहुंचे और खुशी बयां की।

स्टेट ऑफ इंडिया से असिस्टेंट जनरल मैनेजर के पद से रिटायर्ड प्रकाश शर्मा ने कहा पत्रिका मेरे लिए बहुत लकी है। मैं पिछले 7-8 सालों से नियमित तौर पर पत्रिका का पाठक हंू। इसके पहले भी कूपन के जरिए ही इलेक्ट्रिस प्रेस भी जीत चुका हंू।

शर्मा बोले आज का दिन मेरे लिए इसलिए भी बहुत लकी है, क्योंकि आज ही मेरी पोती का सीए में सलेक्शन भी हुआ है। वे कहते हैं कि पत्रिका एक बहुत ही अच्छा अखबार है, इसमें आने वाले संपादकीय लेखों को मैं विशेषतौर पर पढ़ता हंू।

पत्नी के अच्छे होते ही घुमाने ले जाऊंगा

शर्मा कहते हैं कि 1999 में रिटायर्ड होने के बाद कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसे ऑफर में मैं कार भी जीत सकता हंंू। नई कार को लेकर अपने घर जाऊंगा और सबसे पहले अपनी पत्नी को इसमें घुमाऊंगा। दरअसल पत्नी पिछले कई दिनों से बीमार है तो उसके जल्द ही स्वस्थ होते ही मैं खुशी उसके साथ शेयर करुंगा।

जीवन की पहली नई कार: शर्मा ने कहा कि जब मैं रिटायर्ड हुआ तो मेरी 280 दिन की छुट्टियां बाकी थी। इसका लीव पैमेंट मैंने लिया था और इस राशि से मैंने सेकंड हैंड कार खरीदी थी। इसके बाद ये मेरी पहली कार है जो न्यू होगी।

बढ़-चढक़र ले रहे हिस्सा : योजना का फॉरमेट 13 मई को प्रकाशित किया गया था। पत्रिका की विश्वसनीयता और निष्पक्षता से प्रभावित होकर लाखों लोग पत्रिका के नए पाठक जुड़े। इस योजना में कई लोगों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया।