
राशन कार्ड का सर्वे करने आए अधिकारी, लोगों ने NRC सर्वे समझकर किया विरोध, फार्म भी फाड़े
इंदौर/ नागरिकता संशोधन कानून यानी सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) को लेकर लोगों में अब भी इतनी गलतफहमियां बनी हुईं हैं, कि सरकार द्वारा देश के हर नागरिक को इतना भरोसा दिलाए जाने के बावजूद अफवाहों को ही सच मान रहे हैं। एनआरसी और एनपीआर के सर्वे को लेकर लोग इतने डरे हुए हैं कि, किसी भी तरह के होने वाले सर्वे को शक की निगाहों से देखते हुए उसका पुरजोर विरोध करते देखे जा रहे हैं।
सर्वे टीम को देना पड़ा पुलिस प्रोटेक्शन
हालही में ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के इंदौर में भी सामने आया, जहां खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, नगर निगम और महिला बाल विकास विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) राशन के लिए पात्र परिवारों का सत्यापन करने पहुंची तो इलाके के लोगों ने इसे एनआरसी और सीएए का सर्वे समझकर विरोध शुरु कर दिया। विरोध की ये घटना शहर के चंदन नगर और आजाद नगर में घटीं हैं, जहां लोगों ने गलतफहमी का शिकार होकर शासकीय काम में बाधा डालने का प्रयास किया। हालात यहां तक बिगड़ गए कि, जिला प्रशासन को सर्वे टीम पुलिसिया सुरक्षा मुहैय्या करानी पड़ी। साथ ही, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को इसे लेकर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा, कि आखिर ये सर्वे हो किस लिए रहा है। शहर के चंदन नगर में तो सर्वे करने पहुंची टीम न सिर्फ रहवासियों ने घेर लिया, बल्कि उनसे सर्वे फॉर्म छीनकर फाड़ तक दिये।
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फिलहाल रोकना पड़ा सर्वे
चंदन नगर में सर्वे टीम के साथ हुई बदसुलूकी की शिकायत लेकर अधिकारी-कर्मचारी चंदन नगर थाने पहुंचे और उनके साथ हुए घटनाक्रम की शिकायत की। शिकायत के आधार पर घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने रहवासियों से बचे हुए फॉर्म टीम को वापस दिलवाए। हालांकि, माहौल को नियंत्रण में रखने के लिए कर्मचारियों को फिलहाल सर्वे न करने की सलाह दी गई। इससे पहले आजाद नगर में भी राशन के पात्र परिवारों के सर्वे का विरोध किया गया था। तब भी एसडीएम अंशुल खरे ने थाना प्रभारी से बात करके विवाद सुलझाया। चंदननगर की घटना के बाद कर्मचारियों ने जिला आपूर्ति नियंत्रक एल. मुजाल्दा को भी रिपोर्ट पेश की। इस बारे में एमडीएम बीबीएस तोमर ने भी जिला आपूर्ति नियंत्रक को निर्देश दिए कि सर्वे करने वाले दलों को सुरक्षा दी जाए, ताकि, सर्वे शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके।
इसलिए हो रहा पीडीएस के पात्रों का सर्वे
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत जिन पात्र परिवारों को पीडीएस के राशन के तहत राशन मिल रहा है, उन्हें सत्यापित करने के लिए जिले में सर्वे चल रहा है। सर्वे के जरिये प्रमाणित किया जा रहा है कि, शासन द्वारा दिया जाने वाला 1 रुपए किलो राशन सही परिवारों को पहुंच रहा है या नहीं? सर्वे में अंत्योदय, बीपीएल, घरेलू कामकाजी, मजदूर सुरक्षा कार्डधारी हितग्राहियों का सत्यापन शामिल है। सर्वे में पात्र परिवारों से राशन कार्ड नंबर, परिवार के सभी सदस्यों का आईडी आदि जानकारी ली जा रही है। घर का फोटो भी लिया जा रहा है। संबंधित जानकारी फॉर्म में भरने के अलावा एम राशन मित्र मोबाइल एप पर भी दर्ज किया जा रहा है।
शहर में अब तक 5 फीसदी सर्वे हो सका
आपको बता दें कि, जिले में 2 लाख 74 हजार 785 पात्र परिवार रहते हैं। इसमें से जिले के 1 लाख 3 हजार से ज्यादा परिवारों का सत्यापन किया जा चुका है। लेकिन इंदौर नगर निगम क्षेत्र में अब तक सिर्फ 5 फीसदी सर्वे ही हो सका है। इंदौर निगम क्षेत्र में स्वच्छता सर्वे के कारण पात्र परिवारों का सर्वे कार्य नहीं हो पा रहा है। फिलहाल प्रशासन द्वारा पुलिसिया सहियोग किये जाने के बाद कहीं जाकर एक बार फिर सर्वे कार्य शुरु किया जाना तय किया गया है।
विभाग ने लोगों को बताया गया सर्वे का उद्देश्य
जिला आपूर्ति नियंत्रक ने सार्वजनिक सूचना जारी की है कि राशन प्राप्त करने वाले हितग्राही सत्यापन दलों को सहयोग करें और उनके द्वारा मांगे गए दस्तावेज अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। यह सर्वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को राशन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है।
Published on:
03 Feb 2020 05:10 pm
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