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दवा बाजार में रिटेल कैमिस्ट व्यापारियों की हड़ताल, रास्ता रोक कर खड़े कहा नहीं खुलने देंगे दवा बाजार

दवा बाजार में रिटेल ओर थोक व्यपारियों के बीच कमीशन को लेकर विरोध उत्पन्न हो गया है।

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दवा बाजार में रिटेल कैमिस्ट व्यापारियों की हड़ताल, रास्ता रोक कर खड़े कहा नहीं खुलने देंगे दवा बाजार

इंदौर. दवा बाजार में रिटेल ओर थोक व्यपारियों के बीच कमीशन को लेकर विरोध उत्पन्न हो गया है। जिसके चलते आज रिटेल व्यपारी ने दवा बाजार खुलने नहीं दिया। एक्सपायर्ड दवाइयों की वापसी को लेकर रिटेल दवा व्यापारी गुरुवार को दवा बाजार में प्रदर्शन किया। वे न खुद थोक व्यापारियों से दवाएं खरीदेंगे न ही किसी अन्य को खरीदने देंगे। शहर के बाहर से आने वाले दवा व्यापारी भी उनके विरोध में शामिल हो सकें इसके लिए वे दवा बाजार के गेटों पर पहरा दि और बाहर से आने वाले व्यापारियों को समझाइश दी। रिटेल व्यापारी एक्सपायर्ड दवाओं की वापसी पर कटौत्रा 35 प्रतिशत के बजाय 25 प्रतिशत करने की मांग कर रहे हैं। आम जनता को रिटेल दवा व्यापारियों के इस विरोध से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल स्टोर्स आम दिनों की तरह खुले रहेंगे।

थोक व्यापारी एमआरपी का 35 प्रतिशत रकम काट लेते हैं

शहर में 2200 से ज्यादा रिटेल दवा व्यापारी हैं। सामान्यत: ये व्यापारी दवा बाजार के थोक व्यापारियों से दवा खरीदकर मेडिकल स्टोर्स के जरिए बेचते हैं जो दवाएं बिक नहीं पाती और एक्पायर्ड हो जाती हैं उन्हें रिटेलर थोक व्यापारियों को वापस कर देते हैं, लेकिन इसके एवज में थोक व्यापारी एमआरपी का 35 प्रतिशत रकम काट लेते हैं। रिटेलर इसी कटौत्रे का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कटौत्रा 25 प्रतिशत होना चाहिए। ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड डगिस्ट ने भी इसकी सिफारिश की है। रिटेल व्यापारियों ने 35 प्रतिशत कटौत्रे का विरोध करते हुए गुरुवार को थोक व्यापारियों से व्यापार नहीं करने का निर्णय लिया है।

कटौत्रे में जो अंतर आ रहा है वह जीएसटी की वजह से

रिटेलर कटौत्रा 25 प्रतिशत करने की मांग कर रहे हैं। यह संभव नहीं है, क्योंकि एक्सपायर्ड दवाएं दो साल से ज्यादा पुरानी है। कटौत्रे में जो अंतर आ रहा है वह जीएसटी की वजह से हैं। ज्यादातर रिटेलर कंपोजिशन के अंतर्गत आते हैं। रकम वापसी पर टैक्स लौटाने का प्रावधान नहीं है।

- निर्मल जैन, सचिव, इंदौर केमिस्ट एसोसिएशन