
सेना से रिटायर्ड फौजी की जमीन पर कब्जा, जगह-जगह लगाए चक्कर, सासंद ने दिए ये निर्देश
इंदौर. सेना से रिटायर एक फौजी अपनी जमीन को लेकर संघर्ष कर रहा है। सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद उसने सांसद से न्याय की गुहार लगाई है। सांसद के बोलने पर राऊ एसडीओ ने मामले की जांच शुरू की है। फौजी का कहना है कि उसकी जमीन पर सरपंच ने षड्यंत्रपूर्वक रास्ता निकाल दिया है।
मामला रंगवासा में रहने वाले कृष्णगोपाल सिंधवी पिता राधेश्याम सिंधवी का है, जो 26 वर्ष सेना में सेवा देने के बाद 2013 में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने सांसद शंकर लालवानी से गुहार लगाई थी कि वर्ष 2015 में सरपंच द्वारा मेरी पैतृक भूमि पर कब्जा कर सडक़ बनाने का प्रयास किया था। मैंने अपनी जमीन का सीमांकन करवाया, तब सरपंच ने आरआई व पटवारी पर दबाव बनाकर मेरी जमीन में दो-दो सरकारी रास्ते निकाल दिए ताकि बेरोक-टोक सडक़ बना सके।
सरपंच, आरआई व पटवारी की इस हरकत पर एसडीएम के यहां अपील की। 23 फरवरी 2016 को मेरे पक्ष में फैसला हुआ। फिर से सीमांकन दल का गठन हुआ। भू-अभिलेख सीमांकन किया गया था। नियमों के विपरीत बनाए गए रास्ते को हटाया गया। सरपंच, पड़ोसी किसान रामेश्वर चौधरी व अन्य का अवैध कब्जा पाया गया। राऊ तहसीलदार के यहां प्रकरण चला, जहां से सिविल न्यायालय में मदद को कहा गया। इस बीच पड़ोसी ने न्यायालय राजस्व मंडल में अपील कर सही हुए सीमांकन को निरस्त कर पुराने आदेश को स्थिर रखा।
फौजी ने ये मांगी मदद
फौजी ने राऊ तहसीलदार के यहां 2 मार्च 2019 को अपील की है। उसमें कहा कि मेरी रिक्त जमीन पड़ोसी किसान व अन्य के कब्जे में है, जिसे दिलवाया जाए। सरपंच व पड़ोसी किसानों द्वारा राजनीतिक दबाव डालकर प्रकरण को लंबित करवाया जा रहा है। न्यायालय द्वारा मेरे पक्ष में निर्णय होने के उपरांत भी पड़ोसी कृषक मुझे मेरी जमीन पर कब्जा नहीं लेने दे रहे हैं।
जनसुनवाई में नहीं हुई सुनवाई
सिंधवी ने बताया कि सरपंच व पड़ोसी किसान अपने राजनीतिक प्रभाव व पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। मैंने कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत की, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसको लेकर सांसद लालवानी ने कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव को पत्र लिखकर फौजी को न्याय दिलाने को कहा है। इस पर अब राऊ एसडीओ ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Published on:
18 Nov 2019 01:14 pm
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