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करीब 7 किमी रूट व रेंप बनाने का काम होगा शुरू, तीन साल में पूरा होगा काम

पटरी का काम धीमा चल रहा, एलिवेटेड पर पटरी डालने का काम शुरू नहीं हुआ
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इंदौर

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Sandeep Pare

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Updated: 27 Mar 2023, 1:53 PM IST

करीब 7 किमी रूट व रेंप बनाने का काम होगा शुरू, तीन साल में पूरा होगा काम

करीब 7 किमी रूट व रेंप बनाने का काम होगा शुरू, तीन साल में पूरा होगा काम,करीब 7 किमी रूट व रेंप बनाने का काम होगा शुरू, तीन साल में पूरा होगा काम,करीब 7 किमी रूट व रेंप बनाने का काम होगा शुरू, तीन साल में पूरा होगा काम

इंदौर. शहर में व्यावहारिक तौर पर मेट्रो कब ऑपरेट होगी यह तो तय नहीं है। सरकार ने पलासिया तक एलिवेटेडट ट्रैक के लिए टेंडर जारी कर 2026 तक इसे बनाने का इरादा जारी कर दिया है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन अब शहीद पार्क से पलासिया व इसके आगे रेंप सहित 7 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है।


इस तरह इंदौर मेट्रो के 31 किमी रिंग रूट में से 24 किमी का काम शुरू ओ जाएगा। जबकि शेष 7 किमी का ट्रैक अंडरग्राउंड बनाना है। यह काम कब शुरू होगा अभी तय नहीं है। अलाइनमेंट फाइनल होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। दूसरी ओर प्रायरिटी कॉरिडोर पर पटरी डालने का काम शुरू नहीं हो सका है। सिंतबर-23 में सुपर कॉरिडोर प्रायरिटी कॉरिडोर पर मेट्राे उतारने के लिए कमर कस चुके कार्पोरेशन अब मेट्रो के शेष एलिवेटेड ट्रैक का काम भी शुरू करेगा। जिससे मेट्रो पलासिया तक आ जाएगी।
कंपनी ने 495 करोड़ का टेंडर जारी किया है। इसमें कंस्ट्रक्शन कंपनी को रेंप का निर्माण भी करना है। शहीद पार्क, खजराना चौराहा, बंगाली स्केयर, पत्रकार कॉलोनी होते हुए मेट्रो पलासिया पहुंच जाएगी।इसके आगे अंडरग्राउंड बनाना है। अलाइनमेंट तय नहीं होने से अभी कुछ भी नहीं कह सकते हैं। इसके स्टेशन अलग बनेंगे। इस काम के लिए 1092 दिन यानी करीब 3 साल की अवधि तय की है। यदि अगले तीन माह में कंपनी फायनल होगी तो जून -26 तक काम पूरा करना होगा।


केंद्रीय मंत्रालय ने जताया अंसतोष
केंद्रीय शहरी आवास व विकास मंत्रालय ने मेट्रो के कार्य पर पिछले दिनों असंतोष जताया है। महुआ ने काम की गति को ले कर कुछ नहीं कहा है। मंत्रालय का कहना है, इंदौर भोपाल के लिए अधिकारिक स्तर की कमी को पूरा करने की जरूरत है। इंदौर व भोपाल प्रोजेक्ट को एक ही प्रोजेक्ट डायरेक्टर देख रहे हैं। जबकि दोनों के अलग-अलग डायरेक्टर होना चाहिए। इसके अलावा एमडी की नियुक्ति भी पूर्णकालिक की जाए। जिससे काम की गति प्रभावित नहीं हाे। बता दें इंदौर मेट्रो का 17 किमी एलिवेटेड रूट, स्टेशन व डिपो का काम जारी है।