
टॉयलेट सीट ने तीन गुना गंदी है आपके स्मार्टफोन की स्क्रीन
इंदौर. इस दौर में हमारी जिंदगी पूरी तरह से तकनीकों पर आधारित हो गई है। इन तकनीकों ने हमारी जिंदगी काफी आसान बना दिया है, जिसमें स्मार्टफोन की भूमिका बेहद अहम है। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये चीजें हमारी जिंदगी को जितनी आसान बनाती है, उतनी ही समस्याएं भी खड़ी करने में सक्षम है।
स्मार्टफोन को लेकर इंश्योरेंस टूगो द्वारा की गई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि स्मार्टफोन की स्क्रीन टॉयलेट सीट से भी तीन गुना गंदी होती है। इस वजह से इस पर कई तरह के कीटाणु रहते हैं। स्क्रीन के बाद फोन पर सबसे ज्यादा कीटाणु बैक पर रहते हैं, इसके बाद लॉक बटन और फिर होम बटन पर। रिसर्च में दावा किया गया है कि मोबाइल पर सबसे ज्यादा कीटाणु पाए जाते हैं। टॉयलेट और फ्लश पर 24 यूनिट कीटाणु मिलते हैं, जबकि मोबाइल पर 85 यूनिट कीटाणु मिलते हैं। रिसर्च से ये भी पता चला है कि 35 फीसदी लोगों ने कभी स्मार्टफोन साफ नहीं किया है। फोन पसीना लगने से गंदा हो जाता है। रेस्टरूम, जिम में फोन यूज करने से इसमें बैक्टीरिया आते हैं। जानवरों के खेलने से भी इसमें कीटाणु ट्रांसफर होते हैं। सार्वजनिक गाडिय़ों में फोन इस्तेमाल व दूसरे लोगों के इस्तेमाल से फोन गंदा होता है।
स्मार्टफोन के ये भी हैं नुकसान
- स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से अनिद्रा की समस्या हो सकती है। खास तौर पर रात को ज्यादा समय तक स्मार्टफोन का प्रयोग नींद नहीं आने की समस्या को पैदा करता है। अगर नींद पूरी नहीं होगी तो दिमाग को आराम नहीं मिल पाएगा और इससे स्वभाव में चिड़चिड़ापन आएगा।
- इसके अलावा स्मार्टफोन में उपलब्ध सामग्री भी हमारे दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव डालती है, जिससे तनाव, उदासीनता और डिप्रेशन जैसी समस्याएं आने लगती हैं।
- स्मार्टफोन की रंगीन और अधिक रोशनी वाले स्क्रीन हमारी आंखों की रोशनी पर बुरा प्रभाव छोड़ती है। इसकी आयरिश अत्यधिक होने और फॉन्ट साइज के कारण आंखों को काफी तकलीफ होती है।
Published on:
26 Sept 2018 03:39 pm
