
हवाला कारोबारियों में हड़कम्प... विवाद के बाद खुल रहे राज
इंदौर । प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहलाने वाले इंदौर में हवाले का बड़ा कारोबार है। करीब सौ करोड़ रुपए का लेन-देन होता है, जो दो दिन से बंद पड़ा है। भोपाल के एक प्रभावशाली शख्स से एक आंगडि़ए के विवाद से ये हालात बन गए। पुलिस के पास गोपनीय तौर पर एक सूची पहुंचाई गई है। कुछ नामी कारोबारी अब पुलिस रडार पर हैं, जिनके यहां छापामार कार्रवाई भी हो सकती है।
सरकार के नोट बंदी करने के पीछे एक बड़ा कारण ये भी था कि ब्लैक मनी बाहर आ जाए। बाद में जीएसटी भी लगा दिया गया ताकि सारा कारोबार व्हाईट मनी में शुरू हो जाए। सरकार की मंशा बहुत हद तक तो पूरी हो गई, लेकिन आज भी देश में ब्लैक मनी का बड़ा कारोबार है। इंदौर में ही रोज का सौ से दो सौ करोड़ रुपए के बीच हवाला कारोबार होता है। कई गुजरात के कारोबारी इंदौर में डेरा जमाए बैठे हैं और देशभर में पैसा पहुंचाने या वहां से यहां लेने का काम कर रहे हैं।
चौंकाने वाली बात ये है कि दो दिन से ये अवैध कारोबार बंद है। बताते है कि आकाश नामक आंगडिय़़ा का भोपाल के एक प्रभावशाली व्यक्ति से विवाद हो गया। अफवाह फैलाने से नाराज प्रभावशाली ने आकाश के भोपाल कार्यालय पर हंगामा कर दिया। साथ में पुलिस के आला अधिकारियों को हवाला कारोबारियों की एक सूची सौंप दी। ये भी खुलासा किया कि आकाश दो साल पहले इंदौर के जावरा कम्पाउंड में काम करता था जिसके यहां छापे में दीवाल से 60 लाख रुपए निकले थे। उसके बाद से पुलिस महकमा सक्रिय हो गया।
इसकी भनक लगते ही सारे आंगडिय़ों की हवाइयां उड़ी हुई हैं। ये भी बताया गया कि स्थानीय स्तर पर कुछ तो पुलिस की सांठ-गांठ में ये काम होता है, जिसके चलते प्रत्येक आंगडिय़ा प्रवीण सिंह नामक दलाल के माध्यम से 50 हजार रुपए महिना तक देता है।
ये है आंगडिय़ों के अड्डे
शिकायत में बताया गया कि सिल्वर सेंचूरा नामक बिल्डिंग में रमेश नामक शख्स का ऑफिस है, जिसमें सबसे बड़ा हवाला कारोबार चलता है। उसके पार्टनर की पुलिस के कुछ अफसरों से अच्छी दोस्ती भी है। रमेश मूल रूप से अहमदाबादी है। इसके अलावा रेसकोर्स रोड के आगे बीआरटीएस जाने वाले मार्ग पर एक प्रसिद्ध दूध वाले के आसपास आकाश नामक एक बड़े कारोबारी का अड्डा है। यहां तीन कम्पनियां काम करती हैं। सपना-संगीता रोड पर जीतू नामक आंगडिय़ा काम कर रहा है। उसके अलावा जेल रोड और सराफा में भी कुछ कारोबारी हैं, जो मुंबई और दिल्ली ही काम करते हैं।
शनिवार को होता है हिसाब
सूत्रों के मुताबिक शनिवार का दिन हवाला कारोबारियों के हिसाब-किताब का दिन होता है। सात दिन का लेखा-जोखा और उसका मिलान करते हैं। आपस में बात करके सारा हिसाब जीरो किया जाता है, ताकि रिकॉर्ड को खत्म किया जा सके।
Published on:
15 Apr 2023 11:13 am
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