19 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अजब-गजब : मां का नाम हटाना था, बेटे का उड़ाया

नई मतदाता सूची में भी सामने आने लगी गड़बडिय़ां, अंतिम प्रकाशन के बाद जांच की तो सामने आई जादूगरी  
2 min read
Google source verification
अजब-गजब : मां का नाम हटाना था, बेटे का उड़ाया

अजब-गजब : मां का नाम हटाना था, बेटे का उड़ाया

इंदौर। मतदाता सूची के शुद्धिकरण का अभियान दो माह तक चला, जिसमें दावे-आपत्तियों के बाद 5 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम प्रकाशन कर दिया। सूची के आते ही गड़बडिय़ां भी सामने आ रही हैं। एक युवक ने मां का नाम हटाने का आवेदन किया था, लेकिन उसका ही नाम उड़ा दिया गया। मामले में जब निर्वाचन की टीम को फोन लगाया तो वे कम्प्यूटर की गलती बता रहे हैं।

ये वाकया एक नंबर विधानसभा की द्वारकाधीश कॉलोनी में रहने वाले विनोद जोशी के साथ हुआ। दो माह से निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को साफ-सुथरी बनाने के लिए मशक्कत कर रहा था। एक माह घर-घर दस्तक दी तो दूसरे महीने बूथ पर बैठकर नाम लिए गए। उस दौरान जोशी ने मतदाता सूची देखी तो पिता श्यामलाल जोशी का नाम नहीं होने पर जुड़वाने का आवेदन किया, वहीं मां का निधन होने पर उनका कटवाने का फॉर्म भरकर जमा कराया।

बकायदा मां की मृत्यु का प्रमाणपत्र भी लगाया गया। जब फॉर्म भरे जा रहे थे तो बीएलओ के अलावा अधिकारी भी थे। हाथोहाथ 18 साल से अधिक होने पर भतीजी का नाम भी जुड़वाने के लिए फॉर्म भरा गया। जैसे ही निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया, वैसे ही जोशी ने देखा तो उनकी जमीन खिसक गई। माताजी सुंदर बाई का नाम तो है लेकिन उनके नाम पर डिलिट लिखा हुआ है।

इस पर बीएलओ को फोन लगाया, जिस पर वह बात करने के लिए तैयार नहीं है। एक नंबर विधानसभा के रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय पर संपर्क किया तो कहना था कि कम्प्यूटर ऑपरेटर की गलती होगी, जिसकी वजह से आपका नाम डिलिट हो गया। नाम जुड़वाने के लिए फिर से नया फॉर्म भरना होगा।

कई लोगों के नाम उड़े
नगर निगम चुनाव में बड़े पैमाने पर नाम उडऩे के बाद भाजपाई खासे सतर्क थे। उन्होंने अभियान चलाकर नाम जुड़वाए लेकिन निर्वाचन में कलाकारी अभी भी जारी है। जोशी के मुताबिक कई लोगों के नाम डिलिट किए गए हैंं, जो कि मौके पर मौजूद हैं। अधिकतर ऐसे नाम हैं, जो कहीं ना कहीं भाजपा से जुड़े हुए हैं या वोट बैंक हैं। इसमें भी कहीं ना कहीं कलाकारी हुई है।
ये कैसे हो सकता है कि मेरी माता का नाम हटाने का आवदेन किया और मेरा हटा दिया गया। ऐसे कई केस ओर भी हैं। इसको लेकर पार्टी के नेताओं से शिकायत भी करेंगे। साथ में नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे को शहर में एक बार फिर मतदाता सूची की जांच करने का आग्रह करेंगे।