उरी आतंकी हमले के 10 दिन बाद भारतीय सेना की ठोस जवाबी कार्रवाई को पूर्व सैन्य अफसरों ने भी सराहा है। साथ ही स्पष्ट किया कि इसे पड़ोसी देश पर हमले नहीं, बड़े आतंकी ऑपरेशन के रूप में देखा जाना चाहिए।
सर्जिकल ऑपरेशन का मतलब होता है, खराब हो चुके अंग को काटकर अलग करना। सेना ने संदेश दिया है कि अंकुश नहीं लगाया तो हम आतंकियों का सफाया करने में सक्षम हैं।
-रामपालसिंह भदौरिया, रि.मेजरपाकिस्तान आतंकियों को पाकिस्तानी नागरिक नहीं मानता, बल्कि नॉन स्टेट एक्टीविस्ट बताता है। इस ऑपरेशन के बाद भी वह क्रॉस बॉर्डर फायर में दो सैनिकों के मारे जाने की बात कह रहा है।
-मनू शर्मा, रिटायर्ड कैप्टन1971 के बाद पहली बार भारत ने एलओसी क्रॉस कर पाकिस्तान में कोई ऑपरेशन किया है। सेना का यह ऑपरेशन हमारी स्पेशल फोर्स की उच्च सैन्य दक्षता, क्षमता जाहिर करता है।
-ऋषि तिवारी, रिटायर्ड मेजरकेंद्र सरकार का फैसला सराहनीय है। आगे इस तरह की कार्रवाई जारी रहना चाहिए, ताकि कोई दुश्मन आतंकवाद फैलाने की कायराना हरकत न कर पाए। पाक को सेना ने चेतावनी दी है।
-बीएस रघुवंशी, रिटा. सूबेदारअब सही वक्त पर सहीं कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई को करने वाली सेना पर हमें गर्व है। हमारे 19 जवान शहीद हुए थे। इस कार्रवाई से पाक को चेतावनी मिल गई है।
-विनयकुमार अग्निहोत्री, रिटायर्ड आईपीएसभारतीय सेना का कदम बहुत ही प्रशंसनीय है। भारत को पहले ही यह कदम उठा लेना था। भारतीय सेना ने जो जवाबी कार्रवाई की है, उससे पूरे देश का सम्मान बढ़ा है।
-रमेश खंडेलवाल, अध्यक्ष सियागंज व्यापारी संघभारतीय सेना ने उचित कदम उठाया है। भारत की सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम बहुत जरूरी था। जिस तरह की हरकतें पाकिस्तान कर रहा है, उसे देखते हुए इस तरह का जवाब देना जरूरी था।
-एनएस जादौन, पूर्व डीएसपीयह जरूरी था, ताकि दुश्मन हमें कमजोर न समझे। हमारे देश ने कई बार पड़ोसी को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। अब उसे पता चल जाएगा कि हम चुप रहने वाले नहीं हैं।
-रमेश शर्मा, जिला संयोजक, सुरक्षा समितिमहाभारत में दुर्योधन मारा गया, तब धृतराष्ट्र रोने लगे तो संजय ने कहा था कि युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है। कूटनीतिक प्रयास के लिए सरकार ज्यादा बधाई की पात्र है।
-मुकुंद कुलकर्णी, संस्थापक अभ्यास मंडलभारत सरकार का निर्णय सराहनीय है। पाकिस्तान जैसे देश के लिए यह बेहद जरूरी था, जो आतंकियों को पनाह देता है। किसी भी देश को अपने यहां आतंकी गतिविधि नहीं चलने देना चाहिए।
-निलेश वेद, अंतरराष्ट्रीय टेटे खिलाड़ीकार्रवाई से देशवासियों को राहत मिली है। यह कार्रवाई शहीद सैनिकों के परिवार वालों के लिए नई ऊर्जा भरने में मददगार होगी। पाक को अब इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी।
-कृपाशंकर पटेल, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी व कोचसेना ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। अब हमें भारत में पाक कलाकारों व क्रिकेट खिलाडि़यों पर तुरंत प्रतिबंध लगा देना चाहिए, क्योंकि वे यहां से करोड़ों रुपए कमाकर पाकिस्तान ले जाते हैं।
-अमय खुरासिया, पूर्व क्रिकेटरपाकिस्तान से शांति के समझौते की चर्चा कई बार हो चुकी थी। उसके लिए यह सबक बेहद जरूरी था। आतंकियों को जड़ से समाप्त करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहनी चाहिए।
-ओम सोनी, मप्र ओलंपिक संघ के उपाध्यक्षदेशवासियों की इच्छा थी कि पाक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो। पाक को समझ लेना चाहिए कि यह सिर्फ शुरुआत है। उसने भारत विरोधी गतिविधियां बंद नहीं किया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।
-रेवंत संधु, आईआईएम स्टूडेंटभारत ने साबित कर दिया कि हम किसी से कम नहीं हैं। यह ऑपरेशन शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है। हमें सेना पर गर्व है। आतंकी संगठनों को संकेत है कि भारत नापाक हरकतों को बर्दाशत नहीं करेगा।
-अभिजीत सिंह, आईएमएस स्टूडेंटसरकार का कदम सराहनीय है। भारत ने आतंकवाद को किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं करने का अपना स्पष्ट संदेश दुनिया को दे दिया है।
-रामकुमार, रिटायर्ड कर्नल व पूर्व सैनिक कल्याण ऑफिसर इंदौरभारतीय सेना ने प्रशंसनीय कार्य किया है। यह कार्रवाई हालांकि सालों बाद हुई, अगर पहले ही हम आतंकी संगठनों को मुंहतोड़ जवाब देते तो बॉर्डर पर तैनात हमारे कई जांबाज सैनिक शहीद नहीं होते।
-कुलविंदरसिंह गिल, अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ीभारतीय कमांडो ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। हम सभी को इस दिन का इंतजार था। भारतीय सेना को यहीं नहीं रुकना चाहिए। हमें सेना पर गर्व है।
-आशय गोधरा, आईईटी पासआउट, बिजनेसमैनपाक से आतंकी गतिविधियों का संचालन वर्षों से होता आ रहा है। भारत की ओर से किया गया यह काउंटर अटैक बिलकुल सटीक है। इस कदम से सेना के जवानों के मनोबल में वृद्धि होगी।
-धनश्री भट्ट, एजीएसआईटीएस स्टूडेंटकार्रवाई से साबित होता है कि अब आतंकवादियों की किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सेना को इस अभियान को आतंकवाद के सफाए तक जारी रखना चाहिए।
-यशराज नायक, इंजीनियरिंग स्टूडेंट