
ruchi soya patanjali business news
भोपाल। योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद कंपनी ने देश की जानी-मानी कंपनी रुचि सोया को खरीद लिया है। मध्यप्रदेश की रुचि सोया कंपनी को पतंजली ने 4350 करोड़ रुपए में खरीद लिया। इस अधिग्रहण के साथ ही पतंजली ग्रुप ने अधिग्रहण कर अपने व्यापार के विस्तार का पहला अभियान पूरा कर लिया।
मध्यप्रदेश की सोया उत्पाद बनाने वाली रुचि सोया कंपनी दिवालिया हो गई थी, जिसे हरिद्वार के योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने 4350 करोड़ रुपए देकर अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद अब रामदेव की पतंजलि अपने खुद के खाद्य तेल ब्रांडों के साथ ही सोयाबीन तेल ब्रांड महाकोश और रुचि गोल्ड पर भी नियंत्रण हो गया है।
बालकृष्ण होंगे चेयरमैन रामदेव ईडी
रुचि सोया के अधिग्रहण के बाद आचार्य बालकृष्ण रुचि सोया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर होंगे। वहीं नए गठित बोर्ड के नान एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर रामदेव होंगे। बालकृष्ण रुचि सोया के बोर्ड की कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी कमेटी के चेयरमैन और स्वामी रामदेव इसके एक सदस्य भी होंगे।
पूरा पैसा रुचि के खाते में ट्रांसफर
सूत्रों के मुताबिक पतंजलि ने वित्तीय ऋणदाताओं के रुचि सोया पर 4,350 करोड़ रुपए के बकाए का भुगतान कर दिया है। यह प्रक्रिया बुधवार को पूरी हो गई। पतंजलि आयुर्वेद की ओर से रुचि सोया का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। यह राशि एस्क्रो खाते में ट्रांसफर भी कर दी गई है।
आधिकारिक पुष्टि
पतंजलि आयुर्वेद के एक प्रवक्ता एसके तिजारेवाला ने मीडिया को बताया कि हमने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली है और ऋण, इक्विटी की पूरी राशि जमा कर दी है। अब, आधिकारिक तौर पर रुचि सोया पतंजलि ग्रुप की कंपनी बन गई है।
दूसरा सबसे बड़ा अधिग्रहण
गौरतलब है कि पतंजलि आयुर्वेद का यह पहला बड़ा अधिग्रहण है। वहीं इस सप्ताह होने वाला दूसरा सबसे बड़ा अधिग्रहण है। क्योंकि सोमवार को ही दुनिया के बड़े स्टील मेकर आर्सेलर मित्तल ने जापान के निप्पन स्टील के साथ मिलकर एस्सार स्टील का 42,000 करोड़ रुपए में अधिग्रहण कर किया है।
यह भी है खास
-रुचि सोया के अधिग्रहण के बाद रामदेव ने 125 करोड़ देशवासियों के सहयोग व समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है।
-दिसंबर 2017 में नेशनल लॉ ट्रिब्यून (एनसीएलटी) ने इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया के तहत रुचि सोया नीलामी का आदेश दिया था।
-साल 2019 में पतंजलि आयुर्वेद ने रुचि सोया को अधिग्रहण करने का अप्रूवल हासिल कर लिया था। हालांकि एनसीएलटी ने पतंजलि की ओर से जमा कराए गए 600 करोड़ रुपए के स्रोत के बारे में सही जानकारी न मिलने पर अधिग्रहण के फैसले को सुरक्षित रख लिया था।
9,345 करोड़ का बकाया
-रुचि सोया कंपनी पर बैंकों का 9,345 करोड़ रुपए का बकाया था।
-भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह का कुल 9,345 करोड़ रुपए बकाया था।
-एसबीआई का 1800 करोड़ रुपए, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 816 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक का 743 करोड़ और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक का 608 करोड़ रुपए बकाया था।
-डीबीएस का 243 करोड़ रुपए का बकाया था।
Updated on:
20 Dec 2019 01:21 pm
Published on:
20 Dec 2019 01:20 pm
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