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Swine Flu: ‘वायरल फीवर’ हो सकता ‘स्वाइन फ्लू’ ये 5 लक्षण दिखें तो तुरंत जाएं अस्पताल

Swine Flu: बारिश और नमी एच-1 एन-1 वायरस फैलाने में मददगार, वायरल फीवर जैसे ही होते हैं लक्षण

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Swine Flu

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Swine Flu: बारिश में स्वाइन फ्लू (एच-1 एन-1) का खतरा बढ़ गया है। बारिश और नमी स्वाइन फ्लू के वायरस के फैलने में मददगार होती है। जिले में जनवरी से अब तक 58 संदिग्ध मरीजों के सैंपल मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजे गए हैं, जिनमें से सात संक्रमित पाए गए। 3 केस अगस्त में सामने आए हैं।

जिन लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, उनमें भी लक्षण स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते हैं। वायरल फीवर की तरह ही इसके भी लक्षण सामने आते हैं।

टेमी फ्लू देने के निर्देश दिए थे

विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसे मौसम में तबीयत खराब होने पर डॉक्टर से सलाह लें। पिछले दिनों मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से एमवायएच अधीक्षक सहित जिले के अन्य अस्पतालों के प्रभारियों को लिखे पत्र में एच-1 एन-1 की शंका होने पर टेमी फ्लू देने के निर्देश दिए थे। मरीज मिलने पर रेपिड रिस्पांस टीम भेजकर जांच कराने, हाई रिस्क प्रकरण जैसे बच्चों, गर्भवतियों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा था।

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ये हैं लक्षण

● 100.4 डिग्री फेरेनहाइट से अधिक बुखार।

● लगातार खांसी और गले में जलन या खराश।

● सर्दी-जुकाम के साथ लगातार नाक बहना और छींक आना।

● शरीर में दर्द, अत्यधिक थकान।

● सिर दर्द और जी मचलाना।

जानिए क्या होते हैं कारण

नमी और तापमान: नमी और बदलता तापमान वायरस के जीवित रहने व फैलने में सहायक होता है।

गंदगी और सर्द हवा: बारिश में गंदगी और कीचड़ से रोगाणुओं को बढ़ावा मिलता है। सर्द हवा से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

संक्रमित से संपर्क: स्वाइन फ्लू संदिग्ध के संपर्क में आने से।

स्वाइन फ्लू की होती हैं 3 कैटेगरी

A- बुखार के मामूली लक्षण।

B- गंभीर लक्षण।

C- ए व बी के लक्षणों के साथ सांस लेने में तकलीफ, खून की उल्टी, मानसिक स्थिति में बदलाव, झटके आना, शरीर में ऑक्सीजन लेवल 90 फीसदी से कम होना, शरीर नीला पड़ना आदि।

ये हैं बचने के उपाय

  • बार-बार हाथ धोएं, विशेषकर खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद।
  • सार्वजनिक स्थानों पर जाने के दौरान मास्क पहनें।
  • संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें।
  • पौष्टिक आहार लें, नियमित व्यायाम करें, अच्छी नींद लें।

इस मौसम में स्वाइन फ्लू का खतरा अधिक रहता है। अब तक 58 सैंपल की जांच में 7 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। सफाई का ध्यान रखें। तबीयत खराब होने पर अस्पताल में जांच कराएं। -डॉ. अंशुल मिश्रा, जिला महामारी अधिकारी, इंदौर