5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नशे की गिरफ्त में आ रहे बस्तियों के बच्चे, चाइल्ड लाइन ने लिखा जिम्मेदारों को पत्र

चाइल्ड लाइन ने यह जानकारी कलेक्टर, डीआइजी, महिला एवं बाल विकास विभाग और सीडब्ल्यूसी को पत्र लिखा है....
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

इंदौर

•

image

Astha Awasthi

•

Updated: 20 Sep 2021, 1:47 PM IST

photo6215197597690343110.jpg

child drugs

इंदौर। पुलिस और नारकोटिक्स विभाग मिलकर नशे के सौदागरों पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन शहर में खुलेआम नशा बिक रहा है। पुलिस बेखबर है और बस्तियों में आसानी से नशा बिक रहा है, जिससे बच्चे नशे के आदी बन रहे हैं। यह खुलसा गत दिनों लसूड़िया थाना क्षेत्र में पिता द्वारा बेटे की हत्या की वारदात के बाद हुआ।

दरअसल इस मामले में एक नाबालिग भी आरोपी है। नाबालिग के आरोपी बनने पर चाइल्ड लाइन की टीम राहुल गांधी नगर पहुंची। रहवासियों से बात की तो पता चला कि यहां अधिकतर नाबालिग नशा करते हैं। चाइल्ड लाइन ने यह जानकारी कलेक्टर, डीआइजी, महिला एवं बाल विकास विभाग और सीडब्ल्यूसी को पत्र लिखा है।

लसूड़िया पुलिस ने गत दिनों युवक की हत्या के आरोप में उसके पिता और नाबालिग भाई को आरोपी बनाया। चाइल्ड की टीम पहुंची तो पता चला नाबालिग आरोपी नशे का आदी है। करीब एक दर्जन से अधिक हमउम्र बच्चे नशा करते हैं। चाइल्ड लाइन के राहुल गोठाने के अनुसार लोगों ने बताया कि कुछ लोग बाहर से आते हैं। बच्चों को नशा देकर जाते हैं। वह कौन लोग है, यह नहीं जानते हैं। पुलिस ने उन लोगे को कभी नहीं पकड़ा है। राहुल के मुताबिक डीआइजी, कलेक्टर महिला बाल विकास, सीडब्ल्यूर्स को पत्र में कहा गया कि बस्ती में नश बेचने वालों पर कार्रवाई की जाए।

यहां भी मिल रहा नशा

राहुल ने बताया, राहुल गांधी नगर वे अलावा मूसाखेड़ी, भूरी टेकरी अहिरखेड़ी, राऊ क्षेत्र के नाबालिग बच्चे भी नशे की गिरफ्त में हैं। इनके पास नशा कैसे पहुंचता है, यह को नहीं बता पाया, लेकिन बच्चों से लेकर किशोर और युवा भी नशे गिरफ्त में है।