
yellow flowers on the green grass
इंदौर. संस्था सिनेविजन द्वारा रविवार शाम फिल्म ‘येलो फ्लॉवर्स ऑन द ग्रीन ग्रास’ का प्रदर्शन किया गया। इसके निर्देशक विक्टर वू और संगीत क्रिस्टोफर वोंग हैं। फिल्म में मुख्य भूमिका में थिन विन, त्रोंग खांग और थान हैं। वियतनाम के खूबसूरत ग्रामीण इलाकों में फि ल्माई गई यह फि ल्म दो भाइयों (12 वर्षीय थिऊ और 8 वर्षीय छोटा भाई तुआंग) की कहानी है। इनमें आपस में बहुत प्रेम है और उनका जीवन, दिनचर्या एक-दूसरे के बिना पूरी नहीं होती। फिल्म खूबसूरती से बाल मनोविज्ञान को उकेरती है। कई दृश्यों को इतना सहज और सुंदर तरीके से फि ल्माया गया है, जो अचंभित कर जाते हैं।
फिल्म इसी शीर्षक से नुयेन नॉट एन द्वारा लिखे गए अत्यंत लोकप्रिय एवं पुरस्कृत उपन्यास पर आधारित है। फिल्म की पृष्ठभूमि 1980 के दशक में मध्य वियतनाम के एक गरीब और पिछड़े गांव की है। दोनों भाई थिऊ और तुआंग की दिनचर्या हंसी-मजाक, खेलकूद और भोली-भाली अनेक प्रकार की मजेदार हरकतों से परिपूर्ण है। तुआंग के लिए उसका बड़ा भाई आदर्श और हीरो है। थिऊ भी तुआंग का बहुत ख्याल रखता है, पर उसे बड़े होने का अभिमान भी है।
सामान्य बच्चों की तरह उनमें भी हर कार्य में अलिखित, अदृश्य प्रतिस्पर्धा की भावना है, जिसमें अक्सर तुआंग भारी पड़ता है। थिऊ के मन के किसी कोने में छोटे भाई की श्रेष्ठता के प्रति थोड़ी जलन और हीन भावना है। उनके पड़ोस में रहने वाली 10 वर्षीया मून भी अक्सर दोनों के क्रियाकलापों में शामिल रहती है। एक हादसे के बाद मून इनके साथ ही रहने लगती है। गरीबी और अभावों के बावजूद तीनों को जीवन से कोई शिकायत नहीं है। थिऊ मून के प्रति आकर्षित है, पर मून अपनी मासूमियत में उस तरह के प्यार को समझ नहीं पाती और अधिकांश समय तुआंग के साथ खेलती है, जो थिऊ को बिलकुल पसंद नहीं है। फि ल्म छोटी-छोटी घटनाओं के माध्यम से तीनों बच्चों की भावनाओं की तीव्रता को अभिव्यक्त करती है।
फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और संगीत कमाल के हैं।
Published on:
09 Oct 2017 01:25 pm
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