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‘जरा हटके जरा बचके’ के लिए विक्की कौशल ने सीखी इंदौरी भाषा, जानिए कैसी है फिल्म

एंटरटेनमेंट का फुल डोज है सारा अली खान-विक्की कौशल की फिल्म 'जरा हटके जरा बचके'.....

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Zara Hatke Zara Bachke movie

इंदौर। ये बात तो सभी जानते हैं कि बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल और सारा अली खान अभिनीत फिल्म ‘जरा हटके जरा बच के’ आज रिलीज हो चुकी है। खुशी की बात यह है कि इस फिल्म की कहानी इंदौर पर आधारित है और इस फिल्म की स्क्रिप्ट का ट्रांसलेशन मालवी भाभी के नाम से प्रसिद्ध इंदौर की प्रतीक्षा नैय्यर ने किया है। प्रतीक्षा ने 4 दिनों में इस फिल्म की स्क्रिप्ट को इंदौरी भाषा में ट्रांसलेशन किया। फिल्म में क़ई डायलॉग प्रतीक्षा द्वारा जोड़े गए है। मुंबई के मडोक फिल्म प्रोडक्शन को प्रतीक्षा का काम इतना पसंद आया कि इसके बाद फिल्म में पूरे डायलॉग विक्की कौशल को किस तरह से इंदौरी लैंग्वेज में बोलने है यह सिखाने का कार्य भी प्रतीक्षा को एक डिलेक्ट कोच के रूप में सौंपा गया।

सेट पर आते ही इंदौरी स्टाइल में करते थे बात

फिल्म के अधिकांश सीन इंदौर और महेश्वर में ही फिल्माएं गए हैं। शुटिंग के दौरान पूरे समय प्रतीक्षा ने विक्की कौशल और सारा अली खान के साथ राकेश बेदी, सुष्मिता मुखर्जी, शारिब हाशमी, हिमांशु कोहली, आकाश खुराना, इनाम उल हक़ व अन्य कई दिग्गज कलाकारों को इंदौरी बोली सिखाने का कार्य किया है। प्रतीक्षा ने कहा, विक्की कौशल ने बहुत ही आसानी से इंदौरी बोली सीखी और वे फिल्म की शुटिंग के लिए सेट आते ही आते ही इंदौरी स्टाइल में बात करने लगते थे और उनकी बातों से सेट पर खुशनुमा माहौल बना रहता था।

इंदौर से जुड़ा गहरा नाता: विक्की

1 जून को फिल्म ‘जरा हटके जरा बच के’ के प्रमोशन के लिए इंदौर आए विक्की कौशल और सारा अली खान ने फिल्म का प्रमोशन भी अलग ही अंदाज में किया। उन्होंने शहर के उन अधिकांश क्षेत्रों और कॉलोनी में विजिट की जहां, उन्होंने फिल्म की शुटिंग की थी। इतना ही नहीं विक्की कौशल ने कहा, इंदौर से मेरा गहरा नाता जुड़ गया है, इंदौर में शुटिंग का अनुभव बहुत खास और यादगार रहा।

जानिए कैसी है फिल्म

फिल्म 'जरा हटके जरा बचके' पूरी तरह से एक फैमिली एंटरटेनर है, जिसकी कहानी से आप अपने आपको कनेक्टेड महसूस करेंगे। फिल्म की कहानी बहुत सिंपल है या यूं कहे कि छोटे शहरों के शादीशुदा जोड़े, जो जॉइंट फैमिली का हिस्सा होते हैं, वे खुद को इस फिल्म से पूरी तरह से रिलेट कर पाएंगे. फिल्म की कहानी इंदौर के दो कॉलेज लवर्स कपिल और सौम्या पर आधारित है. कपिल एक जिम इंस्ट्रक्टर है और सौम्या कोचिंग इंस्टीट्यूट की टीचर. दोनों की शादी हो जाती है और दोनों के लिए सब कुछ मानो एक सपने जैसा होता है.

अब हमारे देश में शादी सिर्फ दो लोगों के बीच नहीं होती. यहां शादी दो परिवारों के बीच होती है. यहां से उनकी जिंदगी में मुसीबत शुरू होती है. सौम्या को अपना खुद का घर चाहिए होता है, लेकिन कुछ भी करके दोनों अपना घर नहीं ले पाते. ऐसे में एक दिन उन्हें मालूम पड़ता है कि गवर्नमेंट हाउसिंग स्कीम के अनुसार उन लोगों को घर जल्दी मिल रहा है, जिनके पास खुद के पक्के घर नहीं है.

ऐसे में ब्रोकर पहले कपिल को बोलता है कि वह अपने पापा को कहे उसे जायदाद से बेदखल कर दे, जिससे वह गरीब हो जाएगा और उसके पास रहने को घर नहीं होगा. ऐसे में उसको नया घर मिल जाएगा. पर वह ऐसा करने से मना करता है, क्योंकि वह अपने परिवार को इस सब से दूर रखना चाहता है. ऐसे में वह ब्रोकर उन्हें दूसरी सलाह देता है की अगर कपिल और सौम्या का तलाक हो जाएगा तो सौम्या उसके बाद बेघर और गरीब हो जाएगी. बस फिर क्या दोनों घर के लिए अपना नकली तलाक करवाने में जुट जाते हैं. लेकिन जिस बात की शुरुआत एक नाटक से हुई थी, वह दोनों के बीच मनमुटाव बढ़ा देती है. अब कैसे उन दोनों के प्यार की जीत होती है, यही है फिल्म की कहानी जो पूरी तरह से फिल्म को एंटरटेनिंग बनाती है।