बता दें कि नीति आयोग ने कंपनी की पूरी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन सरकार ने एक रणनीतिक निवेशक को 74 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की थी, जो इसके न बिकने का बड़ा कारण बताया गया था। ऐसे में अब सरकार ने कंपनी की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है।