आपको बता दें कि इस बयान में समूह की पहचान जाहिर नहीं की गई है, लेकिन आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह हबटाउन समूह है। बयान में कहा गया है कि तलाशी के दौरान विभाग को कमर्शल और रेजिडेंशल ब्लॉकों की बिक्री पर धन प्राप्ति के सबूत मिले हैं। इसके अलावा फर्जी असुरक्षित लोन, फर्जी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स और कई अन्य लेन-देन में हेरफेर कर करीब 700 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई।