
नई दिल्ली। विनिवेश की प्रक्रिया से गुजर रही देश की सबसे बड़ी विमान कंपनी एयर इंडिया में अब आपको कुछ चुनिंदा सीटों पर बैठने के लिए पहले से अधिक कीमत चुकाना होगा। महाराजा एयरलाइंस के नाम से पहचाने जाने वाली इस सरकारी विमान कंपनी नें ये कदम अधिक सहायक राजस्व जुटाने के लिए ये फैसला लिया है। इस विमान कंपनी ने कहा कि कुल चुनिंदा सीटों पर लगने वाले किराए का बढ़ानें से कंपनी के राजस्व में बढ़ोतरी होगी जो की कुल राजस्व के एक प्रतिशत से भी कम है।
इन सीटों के लिए देना होगा अधिक किराया
एयर इंडिया के इस फैसले के बारें में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दिया। उन्होंने कहा कि अब विमान के आगे आैर मध्य के भाग में बीच की पंक्तियों की सीटों के लिए पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। इस कदम से अधिक सहायकर राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी, जो कि कुल राजस्व के एक प्रतिशत से भी कम है। एयर इंडिया के इस फैसले के बाद अब मध्य भाग की सीटों के अग्रिम आरक्षण के लिए यात्रियों से अधिका शुल्क वसूला जाएगा।
वर्तमान में इन सीटों पर देना होता है अधिक किराया
वर्तमान में विमान के अग्रिम पंक्ति, बल्क हेड (वो हिस्सा जहां से विमान के दो कक्ष अलग होते हैं) आैर आपातकाल निकासी द्वार के पास की सीटों के लिए अधिक शुल्क देना होता हैं। दरअसल इन सीटों पर लेग स्पेस अधिक होता है। ट्रैवल एजेंट को भेजी गर्इ अपनी लिस्ट में एयर इंडिया ने बताया है कि अग्रिम पंक्ति आैर मध्य की सीटों आैर विमान के मध्य पंक्ति की बीच के सीटों पर पहले से अधिक कीमत लगेगी।
इन सीटों के लिए नहीं देना होगी कोर्इ अतिरिक्त शुल्क
इसके साथ एयर इंडिया ने ये भी साफ कर दिया है विमान के पिछले हिस्से की खिड़की, गलियारे आैर मध्य समेत किसी अन्य सीट के लिए कोर्इ अतिरिक्त किराया नहीं लगेगा। जो विमान छोटे हैं उनकी अंतिम 7 से 8 पंक्तियां आैर बड़े विमानों की अंतिम 9 से 14 पंक्तियाें पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। घरेलू आैर कुछ अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए मध्य की सीटों के अारक्षण के लिए 100 रुपए अधिक शुल्क वसूला जाएगा। वहीं अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए ये शुल्क 200 रुपए या स्थानीय मुद्रा के अनुसार लगेगा।
Published on:
18 Apr 2018 09:31 am
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