16 महीनों में डूबे 3 लाख करोड़ रुपए, घरेलू शेयर बाजार में ऑटो सेक्टर का सबसे खराब प्रदर्शन

  • दिसंबर 2017 में ऑटो इंडस्ट्री अपने चरम पर थी, लेकिन इसके बाद से अब तक 30 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।
  • घरेलू इक्विटी बाजार में इस साल सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर्स में ऑटो सेक्टर शीर्ष पर है।
  • सियाम ने कहा - मार्च माह में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में यात्री वाहनों की बिक्री साल 2014 के न्यूनतम स्तर पर।

By: Ashutosh Verma

Updated: 04 May 2019, 08:47 AM IST

नई दिल्ली। भारत की ऑटो इंडस्ट्री ( Auto industry ) को बीते 16 महीनों में 42 अरब डॉलर (करीब 2.94 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान हो चुका है। मौजूदा हालात को देखते हुए ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि आगे भी यह नुकसान जारी रह सकता है। दिसंबर 2017 में ऑटो इंडस्ट्री अपने चरम पर थी, लेकिन इसके बाद से अब तक 30 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। घरेलू इक्विटी बाजार में इस साल सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर्स में ऑटो सेक्टर शीर्ष पर है। दिलचस्प बात है बीते अप्रैल माह में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स यानी सेंसेक्स नए उच्चतम स्तर को छुआ था।

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तीन दिग्गज कंपनियों के स्टॉक्स में 20 फीसदी तक की गिरावट

बैंकिंग सिस्टम में नकदी की कमी की वजह से खपत में कमी आई है। इस वजह से पिछले साल ही दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली इस ऑटो इंडस्ट्री में कार बिक्री रिकार्ड निचले स्तर पर फिसल चुका है। ऑटो इंडस्ट्रीज में कंपनियों की बात करें तो मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड और महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली है। इन तीनों कंपनियों को स्टॉक्स में अब तक 20 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल रही है। नोमुरा होल्डिंग्स के एनलिस्ट कपिल सिंह ने कहा कि शुरुआती ट्रेंड अनुमान से कमजोर दिख रहा है। कमजोर मांग की वजह से ऑटो इंडस्ट्री की अधिकतर कंपनियों की अर्निंग में रिस्क देखने को मिल सकता है।

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साल 2017 के बाद इस साल अप्रैल में 17 फीसदी लुढ़का मारुति सुजुकी के शेयर्स

मार्च माह में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में यात्री वाहनों की बिक्री साल 2014 के बाद सबसे कम रही है। इसके बारे में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स ( SIAM ) ने जानकारी दी। मंगलवार के पहले देश की सबसे बड़ी कार मेकर कंपनी मारुति सुजुकी के शेयर्स में लगातार 7 दिनों तक गिरावट देखने को मिली। साथ ही साल 2017 में अप्रैल माह की तुलना में इस साल अप्रैल में कंपनी की रिवेन्यू 17 फीसदी तक लुढ़क गई है।

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इन दो कंपनियों को शेयर बाजार में हुआ फायदा

हालांकि, इस साल एसएंडपी सेंसेक्स के ऑटो इंडेक्स में दो कंपनियों के शेयरों में तेजी रही है, जिनका नाम टाटा मोटर्स लिमिटेड और जगुआर लैंड रोवर है। पिछले फरवरी माह में इन दोनों कंपनियों के शेयर्स 2011 के बाद सबसे न्यूनतम स्तर पर फिसल गए थे। दोपहिया व तिपहियों की बिक्री की वजह से बजाज ऑटो लिमिटेड के शेयर्स में 11 फीसदी की तेजी रही है। मार्च में खत्म हुई तिमाही तक कंपनी ने करीब 50 लाख वाहनों को बेचा था।

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