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केंद्र सरकार समेत फ्लिपकार्ट आैर अमेजन को लगा जोरदार झटका, दिल्ली हार्इकोर्ट में देना होगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों के उल्लंघन के मामले में अमेजन व फ्लिपकार्ट से 11 नवंबर तक पक्ष रखने को कहा है।

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केंद्र सरकार समेत फ्लिपकार्ट आैर अमेजन को लगा जोरदार झटका, दिल्ली हार्इकोर्ट में देना होगा जवाब

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों के उल्लंघन के मामले में अमेजन व फ्लिपकार्ट से 11 नवंबर तक पक्ष रखने को कहा है। केंद्र सरकार को भी नोटिस भेजकर इस मसमले में जवाब मांगा गया है। स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) 'टेलीकॉम वॉचडॉग' की याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की खंडपीठ ने केंद्र, अमेजन व फ्लिपकार्ट को नोटिस जारी किया है।

कानूनी कार्रवार्इ की मांग
एनजीओ की ओर से अधिवक्ता प्रणव सचदेवा ने याचिका दायर कर इन र्इ-कामर्स कंपनियों के खिलाफ विदेशी विनिमय प्रबंध अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों व एफडीआई की शर्तों के कथित उल्लंघन के लिए कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि दोनों कंपनियों ने एफडीआई की शर्तों से बचने के लिए कई छोटी कंपनियों का निर्माण कर लिया है और यह कंपनियां भारी मांग वाली वस्तुओं को कम दाम पर बेचकर बाजार पर एकाधिकार की कोशिश कर रही हैं। इससे देश के छोटे कारोबारियों के लिए इ-कॉमर्स के बढ़ते कारोबार में हिस्सेदारी करना मुश्किल हो गया है।

याचिका में दिया गया तर्क
याचिका में तर्क दिया गया है कि यह कंपनियां 2016 के प्रेस नोट तीन से नियंत्रित होती हैं। उसके मुताबिक र्इ-कॉमर्स कंपनियां अपना स्टॉक नहीं खरीदेंगी और न ही खुले बाजारों में उपलब्ध वस्तुओं व सेवाओं के दामों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेंगी। इसके बावजूद यह ई-कॉमर्स कंपनियां सीधे उत्पादकों से बड़ी छूट पर माल खरीदती हैं और उसे सस्ते दाम पर ग्राहक को बेचती हैं। यह सीधे तौर पर एफडीआई की शर्तों का उल्लंघन है।

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