जम्मू-कश्मीर की आग में झुलसे टूरिज्म, हैंडीक्रॉफ्ट जैसे उद्योग, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी पर भी दिख रहा असर

जम्मू-कश्मीर की आग में झुलसे टूरिज्म, हैंडीक्रॉफ्ट जैसे उद्योग, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी पर भी दिख रहा असर

Shivani Sharma | Publish: Aug, 05 2019 11:10:09 AM (IST) | Updated: Aug, 05 2019 11:16:26 AM (IST) इंडस्‍ट्री

  • जम्मू-कश्मीर में अचानक जारी हुए एडवाइजरी से भारी नुकसान झेल रही टूरिज्म इंडस्ट्री
  • जर्मनी और ब्रिटने ने कश्मीर न जाने की सलाह दी

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में अचानक रोकी गई अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है, जिसके बाद वहां जाने वाले सैलानियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए एडवायजरी जारी कर जल्द से जल्द लौट जाने के लिए कहा है। इस एडवायजरी से पूरे कश्मीर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया है। कश्मीर में अचानक जारी की गई एडवायजरी से वहां पर व्यापार करने वाले लोगों को अचानक अपनी दुकानें बंद करके भागना पड़ा है और यहां की ट्रैवल इंडस्ट्री को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।


व्यापार को हो रहा नुकसान

वहां पर व्यापार करने वाले फैज अहमद ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने रविवार को उनको अचानक अपनी दुकान बंद करनी पड़ी। इसके साथ ही श्रीनगर में एक ट्रेवल एजेंसी चलाने वाले युवक ने जानकारी देते हुए बताया कि ये हमारा टूरिस्ट सीज़न है और इस साल हम उम्मीद कर रहे थे कि पर्यटकों के मामले में चीजें बेहतर होंगी, लेकिन अब हर ओर अंधेरा नज़र आ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गुलमर्ग, सोनमर्ग और अन्य जगहों के टूरिस्ट रिसोर्ट में ठहरे पर्यटक अपने राज्य वापस जा रहे हैं और होटल की बुकिंग रद्द कर रहे हैं।


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कश्मीर में घट रही सैलानियों की संख्या

कश्मीर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन से आता है, लेकिन बढ़ते तनाव की वजह से कश्मीर आने वाले पर्यटकों की संख्या घटी है। 2018 में कश्मीर में बीते सात सालों में पर्यटकों की सबसे कम संख्या दर्ज की गई। इस साल यहां देश और विदेश से सिर्फ करीब आठ लाख पर्यटक आए। 2017 के मुक़ाबले ये 20 फीसदी से ज़्यादा की कमी है।


2016 के बाद 50 फीसदी घटा पर्यटन उद्योग

साल 2016 के बाद से कश्मीर के टूरिज्म इंडस्ट्री संकट में पड़ गई है। बुरहान बानी की हत्या के बाद से ही कश्मीर के पर्यटन उद्योग में 50 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है। साल 2016 में कम से कम 95 असैनिक बल मारे गए थे और हजारों लोग घायल हो गए थे। कश्मीर में आए दिन होती दंगों के बाद वहां के व्यापारियों को सबसे ज्यादा परेशनी का सामना करना पड़ रहा है।

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आपको बता दें कि जनवरी के बाद से कश्मीर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है-

महीना पर्यटकों की संख्या
फरवरी 15,903
मार्च 21,237
अप्रैल 61,815
मई 81,139
जून 1,64,759
जुलाई 1,52,000
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जर्मनी और ब्रिटने ने कश्मीर न जाने की सलाह

आपको बता दें कि कुछ समय पहले ब्रिटेन ने अपने यहां के पर्यटकों को कश्मीर न जाने की सलाह दी थी, जबकि ब्रिटेन से आने वाले पर्यटकों से कश्मीर की टूरिज्म इंडस्ट्री की काफी कमाई होती है। फिलहाल ब्रिटेन के बाद जर्मनी ने भी अपने नागरिकों को जम्मू एवं कश्मीर की यात्रा न करने के लिए एक यात्रा परामर्श जारी किया है और कश्मीर घाटी या अमरनाथ यात्रा मार्ग से लगे इलाकों में रुके लोगों से राज्य छोड़ने के लिए कहा है। जर्मनी के अलावा यूके और आस्ट्रेलिया के लोगों को भी कश्मीर न जाने की सलाह दी गई है। विदेशियों ने कहा कि कश्मीर में आए दिन हो रही घटनाओं से वहां जाने वाले लोगों के लिए भी खतरा खडा़ हो सकता है।


भारी नुकसान में हैंडीक्रॉफ्ट्स उद्योग

कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट शेख आशिक ने प्रेस स्टेटमेंट में जानकारी देते हुए कहा कि टूरिज्म इंडस्ट्री के साथ-साथ हैंडीक्रॉफ्ट्स उद्योग भी इस समय भारी नुकसान झेल रहा है। कश्मीर में फैस रही हिंसा से कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भी काफी नुकसान हो रहा है। कश्मीर में रहने वाले लाखों लोग हैंडीक्रॉफ्ट्स और टूरिज्म इंडस्ट्री के साथ जुड़े हुए हैं। यहां रहने वाले लोगों के लिए यह प्रमुख व्यवसाय है, लेकिन इस समय इस उद्योग को काफी नकुसान हो रहा है। इसके साथ ही यहां रहने वाले लोगों को व्यापार से लेकर खाने तक के लाले हो गए हैं।

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