इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की माने तो वस्तु एवं सेवा कर ( जीएसटी ) अधिक होने और कृषि क्षेत्र के संकटग्रस्त होने के साथ-साथ वेतन व मजदूरी में वृद्धि नहीं होने व तरलता का संकट रहने के कारण उद्योग में मांग में सुस्ती बनी हुई है, जिससे हर महीने बिक्री कम होती जा रही है। उधर, डीलरों के पास इन्वेंटरी बढ़ती जा रही है। इसके अलावा बीएस-4 मानक के बिना बिक्री के वाहनों के स्टॉक का प्रबंधन एक बड़ी समस्या बन गई है।