
नई दिल्ली। यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने आधार कार्ड से जुड़े फर्जीवाड़े को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यूआईडीएआई ने सभी टेलिकॉम कंपनियों को ऐसी सुविधा देने को कहा है कि जिससे ग्राहकों को ये पता चल सके की उनका मोबाइल नंबर कितने आधार कार्ड से लिंक हैं। यूआईडीएआई ने ये फैसला तब लिया जब ऐसी कई शिकायातें आ रही थी की, किसी आधार नंबर से दूसरे को सिम जारी किया जा रहा है। ऐसे में यूआईडीएआई ने ये कदम इस तरह के गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लिया है। यूआईडीआई ने सभी टेलिकॉम कंपनियों को कहा है कि, यदि कोई ग्राहक ये जानना चाहता है कि उनके आधार से कितने मोबाइल नंबर को लिंक किया गया है तो टेलिकॉम कंपनियां इसकी जानकारी अपने ग्राहकों को जरूर बताएं।
उठाया जाता था वेरिफिकेशन प्रोसेस का गलत फायदा
आपको याद दिला दें कि मोबाइल नंबर और आधार कार्ड को लिंक करने की अंतिम तारिख 31 मार्च 2018 है। ऐसी कई जानकारी सामने आ रहे थे जिसमें कुछ दुकानदार, ऑपरेटर्स और टेलिकॉम कंपनियां एक ही आधार नंबर पर ऑथेन्टिकेशन सुविधा का गलत फायदा उठाकर किसी को भी नया नंबर जारी कर देते थे। इस तरह एक ही आधार नंबर पर किसी दूसरे का मोबाइल नंबर लिंक कर दिया जाता था। यूआईडीएआई ने टेलिकॉम कंपनियों को ये फरमान जारी किया है कि वो इस बात को सुनिश्चित करें कि उनके रिटेलर्स या एजेेंट ऐसे किसी भी तरह के धोखधड़ी में संलिप्त न हों।
ऐसे जान सकेंगे की आपके आधार से कितने मोबाइल नंबर लिंक्ड है
यूआईडीएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले पर कहा है कि, सभी उपभोक्ताओं को ये जानने का अधिकार है कि उनका मोबाइल किस आधार नंबर से लिंक्ड है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सभी टेलिकॉम कंपनियों को 15 मार्च तक अपने ग्राहकों को ऐसी सुविधा दें। आप एसएमएस के जरिए जान सकेंगे की आपका मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक है या नहीं। इसके साथ ही आप ये भी जान सकेंगे की आपके आधार नंबर पर कितने मोबाइल नंबर लिंक्ड है। टेलिकॉम कंपनियों को ये निर्देश दिया गया है कि वो यह सुविधा अपने सब्सक्राइबर्स को कस्टमर केयर नंबर, ईमेल, वेब पोर्टल और एसएमएस के माध्यम से दें। यदि कोई नंबर गलत तरीके से किसी अन्य आधार कार्ड से लिंक किया गया है तो वो इस मामले में सख्ती से निपटते हुए नंबर को लॉक कर दें।
Published on:
06 Mar 2018 04:12 pm
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