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धनतेरस पर सोने के सिक्कें खरीदने से पहले जानें ये 6 बातें

सोने के सिक्के खरीदने जा रहे हैं तो इसे जरूर पढ़ें।

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नई दिल्ली। धनतेरस पर सोने के सिक्कों की खरीदारी को शुभ माना जाता है। दिवाली में सोने की मांग अधिक होने के चलते बाजार में कई तरह के सोने के सिक्के आ जाते हैं। ऐसे में आपको सोना खरीदते वक्त कुछ बातें ध्यान रखनी जरूरी हैं। आपको ऐसी ही 7 बातों के बारे में बताने जा रहे हैं। अगर आप इन सात बातों का ध्यान रखते हुए सोना खरीदते हैं तो आपको किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन अगर आपने इस बातों पर ध्यान नहीं दिया तो आपको दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।


सिक्कों की शुद्धता - जब भी आप सोने का सिक्का खरीदें तो उसकी शुद्धता की जांच जरूर कर लें। सबसे शुद्ध सोना 24 कैरेट का होता है, जबकि 22 कैरेट के सोने में दो हिस्सा जिंक या सिल्वर होता है। दरअसल, 24 कैरेट शुद्ध सोना कड़ा होता है लेकिन ज्वैलरी को मुलायम और अधिक टिकाऊ बनाने के लिए सोने में यह मिलावट की जाती है।


टेंपर प्रूफ पैकिंग - सोने के सिक्के टेंपर प्रूफ के अंदर पैक होते हैं। यही पैकिंग सोने के सिक्के की शुद्धता की सबसे बड़ी गारंटी होती है। अगर यह पैकेजिंग ना हो तो सोने का सिक्का ना खरीदें। यही कारण है कि सोने के सिक्के देखते वक्त ज्वैलर कहता है कि सिक्के से कोई छेड़छाड़ ना करें, क्योंकि अगर पैकेजिंग खराब हुई तो वह सिक्का कोई नहीं लेगा।

कीमत - बाजार में सामान्यत: 0.5 से 50 ग्राम तक के वजन के सोने के सिक्के उपलब्ध होते हैं। बाजार का मौजूदा भाव 29,940 रुपए प्रति दस ग्राम (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के अनुसार 16 अक्टूबर, 2017 का दाम) है। ऐसे में 0.5 ग्राम वाला सबसे छोटा सिक्का 1,490 से 1800 रुपए होगा। हालांकि, इसकी कीमत सोनार पर निर्भर होता है कि वो कितनी कीमत वसूल रहा है।
मेकिंग चार्ज - गहनों की तुलना में सोने के सिक्कों बनाने का खर्च कम आता है। सोने के सिक्के को बनाने की कीमत 4-11% होती है। जबकि गहने बनाने में मेकिंग चारज 8-10% या इससे अधिक भी हो सकती है। इसलिए मेकिंग चार्ज को ध्यान में रखें
ह़ॉलमार्किंग - सोने की शुद्धता का सबसे बड़ा पैमाना बीआईएस का हॉलमार्क है। गौरतलब है कि 12 अकटूबर से सरकार ने हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। जिन सोने की चीजों पर हॉलमार्क का निशान ना हो, उसे ना खरीदें। हॉलमार्क भारत की इकलौती एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) करती है, जो एक तरह की सरकारी गारंटी होती है।
कहां से खरीदें - सिक्के खरीदते समय लोकल ज्वेलर की बदले बैंक और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, एमएमचीसी (सोने और चांदी की बिक्री के लिए सरकारी प्राधिकृत इकाई) और नॉन बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियों को तव्वजों दें, क्योंकि इनकी गारंटी पक्की होती है।