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पेट्रोल-डीजल के बाद अब पड़ेगी महंगी CNG की मार, जेब कटवाने के लिए रहिए तैयार

केंद्र सरकार के नए फॉर्मूले के अऩुसार हर छह माह बाद प्राकृतिक गैस की कीमतों में बदलाव होता है।

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पेट्रोल-डीजल के बाद अब पड़ेगी महंगी CNG की मार, जेब कटवाने के लिए रहिए तैयार

नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि के बाद अब आम लोगों पर महंगी CNG-PNG की मार पड़ने वाली है। केंद्र की मोदी सरकार अक्टूबर से देश में उत्पादित प्राकृतिक गैस के दाम बढ़ाने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्राकृतिक गैस के दामों में 14 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हो सकती है। प्राकृतिक गैस के दामों में बढ़ोतरी से सीएनजी और पीएनजी के दामों में वृद्धि तय मानी जा रही है। इसके अलावा गैस से चलने वाले बिजली और यूरिया संयंत्रों की लागत भी बढ़ेगी। इससे इनके दामों में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के कारण सरकार प्राकृतिक गैस के दामों में बढ़ोतरी कर रही है।

सरकार का फॉर्मूला बना आम आदमी की मुसीबत

प्राकृतिक गैस के दामों में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार के एक फॉर्मूले को जिम्मेदार बताया जा रहा है। दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार ने अक्टूबार 2014 में प्राकृतिक गैस की कीमतें तय करने के लिए एक नए फॉर्मूले को मंजूरी दी थी। इस फॉर्मूले के तहत यूके (हेनरी हब), यूके (नेशनल बैलेंसिंग प्वाइंट) कनाडा (अल्बर्टा) और रूस में कीमतों के आधार पर प्राकृतिक गैस की कीमतों में हर छह महीने पर बदलाव किया जाता है।

इतनी होगी वृद्धि

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी घरेलू गैस की बिक्री 3.06 डॉलर प्रति इकाई (एमएमबीटीयू) पर हो रही है। सरकार के नए फॉर्मूले के आधार पर इसमें करीब 14 फीसदी की वृद्धि होनी है। इस वृद्धि के बाद घरेलू प्राकृतिक गैस की कीमतें 3.50 डॉलर प्रति इकाई (एमएमबीटीयू) हो जाएंगी। बीते तीन सालों में प्राकृतिक गैस के दामों में यह दूसरी वृद्धि होगी। यह कीमतें अगले छह महीने तक यानी अक्टूबर 2018 से मार्च 2019 तक लागू होंगी।

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