
नोटबंदी-GST के दुष्प्रभाव से अछूता रहा सीमेंट उद्योग: यदुपति सिंघानिया
नई दिल्ली। नवंबर 2016 में नोटबंदी और इसके करीब 7 माह बाद लागू हुए वस्तु एवं सेवा कर (GST) से जहां सभी कारोबारों में मंदी देखने को मिली, वहीं सीमेंट कारोबार पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद भी सीमेंट की बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ा। यह कहना है जेके सीमेंट के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक यदुपति सिंघानिया का। राजस्थान के गोटन में जेके व्हाइट सीमेंट के प्लांट में आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रिका से विशेष बातचीत करते हुए यदुपति सिंघानिया ने कहा कि नोटबंदी-जीएसटी से सीमेंट कारोबार पर कोई खास दुष्प्रभाव नहीं पड़ा है।
जीएसटी दर कम हो तो बढ़ेगा कारोबार
जीएसटी में सीमेंट पर 28 फीसदी कर को लेकर यदुपति सिंघानिया ने कहा कि इससे कारोबार पर कोई खास असर नहीं है। हालांकि, कर की दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने से सीमेंट के कारोबार में तेजी आ सकती है। सिंघानिया ने कहा कि कर की दर को कम करने को लेकर सीमेंट कारोबारी सरकार से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से हर बार कर कम करने के आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जीएसटी पर कर की दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर देती है तो इससे सरकार को हर महीने करीब 3000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इस नुकसान को देखते हुए हुए सीमेंट पर कर की दर में कमी होने की उम्मीद काफी कम है।
हर साल 8 लाख टन व्हाइट सीमेंट का उत्पादन
जेके सीमेंट के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक यदुपति सिंघानिया ने बताया कि इस समय जेके सीमेंट की ओर से हर साल 8 लाख टन व्हाइट सीमेंट का उत्पादन किया जा रहा है। इसमें से 4 लाख टन सीमेंट का उत्पादन गोटन प्लांट और 4 लाख टन सीमेंट की उत्पादन मध्य प्रदेश के कटनी प्लांट में हो रहा है। उन्होंने बताया कि गोटन प्लांट में हर साल 5 लाख टन व्हाइट पुट्टी का भी उत्पादन हो रहा है।
कटनी प्लांट में विस्तार का पहला चरण पूरा
यदुपति सिंघानिया ने बताया कि मध्य प्रदेश के कटनी जिले के रुपौंड गांव में स्थित व्हाइट सीमेंट के प्लांट में पहले चरण का विस्तार कार्य पूरा हो गया है। अब इस प्लाट की उत्पादन झमता बढ़कर 4 लाख टन सालाना हो गई है। इस विस्तार से पहले इस प्लांट की उत्पादन झमता 2 लाख टन सालाना की थी।
ग्रे सीमेंट की मांग बढ़ने की उम्मीद
यदुपति सिंघानिया ने बताया कि इस समय सभी सरकारों की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे आने वाले समय ग्रे सीमेंट की मांग बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इसको देखते हुए जेके सीमेंट अपनी उत्पादन झमता बढ़ाने पर लगातार कार्य कर रहा है। यदुपति सिंघानिया ने बताया कि जेके सीमेंट अगले 5 साल में अपनी उत्पादन झमता बढ़ाकर दोगुनी करने की योजना बना रही है। इस बढ़ोत्तरी के बाद जेके सीमेंट सालाना करीब 1.8 करोड़ टन सीमेंट का उत्पादन करेगी।
Published on:
23 Aug 2018 12:28 pm
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