संसद में बोले रेल मंत्री पीयूष गोयल, कहा- नहीं हो सकता भारतीय रेलवे का निजीकरण

संसद में बोले रेल मंत्री पीयूष गोयल, कहा- नहीं हो सकता भारतीय रेलवे का निजीकरण

Shivani Sharma | Updated: 12 Jul 2019, 04:45:58 PM (IST) इंडस्‍ट्री

  • संसद में पीयूष गोयल ने भारतीय रेल विभाग के बारे में दी जानकारी
  • उन्होंने कहा कि रेलवे को कोई भी प्राइवेट कंपनी नहीं चलाएगी

नई दिल्ली। रेल मंत्री पीयूष गोयल ( Piyush Goyal ) ने रेलवे ( Indian Railway ) के निजीकरण की विपक्ष की आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। गोयल ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि रेलवे का ‘‘कोई निजीकरण कर ही नहीं सकता और इसके निजीकरण का कोई मतलब नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘राजनीतिक लाभ के लिए नई ट्रेनों का सपना दिखाने’’ के बजाय नरेन्द्र मोदी सरकार ( narendra modi govt ) ने सुविधाएं एवं निवेश बढ़ाने के लिए पीपीपी ( PPP model ) आमंत्रित करने का इरादा किया है।


पीयूष गोयल ने दी जानकारी

लोकसभा में वर्ष 2019-20 के लिए रेल मंत्रालय की अनुदानों की मांगों पर बृहस्पतिवार को देर रात तक चली चर्चा का शुक्रवार जवाब देते हुए रेल मंत्री ने कहा, ‘‘मैं बार-बार कह चुका हूं कि रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि लेकिन कोई सुविधा बढ़ाने की बात करे, टेक्नोलॉजी लाने की बात करे, कोई नया स्टेशन बनाने की बात करे, कोई हाई स्पीड, सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने की बात करे, स्टेशन पर सुविधा बढ़ाने की बात करें तो इसके लिए निवेश आमंत्रित किया जाना चाहिए।


ये भी पढ़ें: नीदरलैंड के इंसाल्वेंसी डिपार्टमेंट ने जेट एयरवेज के खिलाफ NCLT में दायर की याचिका


रेलवे में बढ़ेंगी सुविधाएं

पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे में सुविधा बढ़ाने, गांवों और देश के विभिन्न हिस्सों को रेल सम्पर्क से जोड़ने के लिये बड़े निवेश की जरूरत है। अच्छी सुविधा, सुरक्षा, हाई स्पीड आदि के लिए निजी सार्वजनिक साझेदारी (पीपीपी) को प्रोत्साहित करने का सरकार ने निर्णय किया है।


विपक्ष ने लगाए आरोप

रेल मंत्रालय के अनुदान की मांग पर चर्चा के दौरान बृहस्पतिवार को कांग्रेस, तृणमूल, द्रमुक सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि आम बजट में रेलवे में सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी), निगमीकरण और विनिवेश पर जोर देने की आड़ में इसे निजीकरण के रास्ते पर ले जाया जा रहा है। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार को बड़े वादे करने की बजाय रेलवे की वित्तीय स्थिति सुधारने तथा सुविधा, सुरक्षा एवं सामाजिक जवाबदेही का निर्वहन सुनिश्चित करना चाहिए।

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार,फाइनेंस,इंडस्‍ट्री,अर्थव्‍यवस्‍था,कॉर्पोरेट,म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned