
नई दिल्ली। कर्ज में फंंसी बिनानी इंडस्ट्री की सहायक इकाई बिनानी सीमेंट को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने बिनानी सीमेंट की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें उसने ऋणदाताओं से कोर्ट से बाहर समझौता करने की इजाजत मांगी थी।कोर्ट ने बिनानी सीमेंट की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें उसने ऋणदाताओं से कोर्ट से बाहर समझौता करने की इजाजत मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 13 अप्रैल को सुनवाई करेगा। आपको बता दें कि बिनानी सीमेंट इस समय भारी आर्थिक संकट और दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। बिनानी सीमेंट का अल्ट्राटेक सीमेंट के साथ विवाद चल रहा है। कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकों ने बिनानी सीमेंट को अल्ट्राटेक के साथ चल रहे विवाद को कोर्ट से बाहर सुलझाने के लिए कहा है। सूत्रों के अनुसार बैंकों का मानना है कि यदि बिनानी सीमेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट का मामला कोर्ट के बाहर निपटता है तो यह कानूनी पचड़ों में फंस सकता है। एेसे में बैंक इस समझौते पर सुप्रीम कोर्ट की रजामंदी चाहते हैं।
बिनानी सीमेंट और अल्ट्राटेक में ये है विवाद
दरअसल दिवालिया प्रक्रिया का सामना कर रही बिनानी सीमेंट के लिए डालमिया भारत ने 6350 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था। बैंकों ने भी इसे मान लिया था। इस बीच अल्ट्राटेक सीमेंट ने अपनी बोली बढ़ाकर 7266 करोड़ रुपए कर दी। इसको लेकर अल्ट्राटेक ने बिनानी सीमेंट के साथ एक समझौता होने की भी बात कही। बैंकों ने अल्ट्राटेक के ऑफर पर भी सहमति जता दी। बैंकों ने बिनानी सीमेंट के सामने शर्त रखी कि वह अल्ट्राटेक के साथ सौदे को सुप्रीम कोर्ट से भी मंजूरी ले। बैंकों का मानना है कि यदि बिनानी सीमेंट अल्ट्राटेक के साथ समझौता करती है तो डालमिया भारत इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकता है।
एनसीएलएटी पहले ही दे चुकी है मंजूरी
दिवालिया प्रक्रिया का सामना कर रही बिनानी सीमेंट को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय प्राधिकरण (एनसीएलएटी) पहले ही अल्ट्राटेक से समझौते के लिए हरी झंडी दे चुकी है। एनसीएलएटी ने कहा है कि बिनानी सीमेंट इस मुद्दे से जुड़े सभी पक्षों से बातचीत कर इसका सौहार्दपूर्ण हल निकाले।
Updated on:
9 Apr 2018, 1:52 PM IST
Published on:
9 Apr 2018, 1:44 PM IST
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