23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीएसएनएल 50 हजार 4जी लाइन इंस्ट्रूमेंट्स के लिए जल्द जारी होगा टेंडर

नवंबर के अंत तक जारी किए जाएंगे टेंडर जून 2020 तक सेवा शुरू कर देने का लक्ष्य

2 min read
Google source verification

image

Saurabh Sharma

Nov 23, 2019

BSNL ने 10 ट्रिपल प्ले ब्रॉडबैंड प्लान किए लॉन्च, मिलेगा टीवी केबल सर्विस का सपोर्ट

BSNL ने 10 ट्रिपल प्ले ब्रॉडबैंड प्लान किए लॉन्च, मिलेगा टीवी केबल सर्विस का सपोर्ट

नई दिल्ली। सरकारी भारत संचार निगम लिमिटेड ( bsnl ) 50,000 न्यू लाइनों के लिए नवंबर के अंत तक 4जी के टेंडर ( 4G Tender ) जारी करेगा। सूत्रों ने कहा कि बीएसएनएल 50,000 साइटों पर 4जी विस्तार के लिए नवंबर अंत तक एक निविदा जारी करेगा। कैबिनेट ने अक्टूबर में बीएसएनएल के पुनरुत्थान को मंजूरी दी है। सूत्र ने कहा कि अगर दिसंबर अंत तक 4जी स्पेक्ट्रम ( 4G Spectrum ) प्राप्त कर लेता है तो इससे जून 2020 तक सेवा शुरू कर देने का लक्ष्य है।

यह भी पढ़ेंः-12 दिनों के बाद डीजल हुआ सस्ता, पेट्रोल की कीमत में 9 पैसे प्रति लीटर का इजाफा

जारी होंगे टेंडर
सरकार की टर्नअराउंड योजना में बीएसएनएल / एमटीएनएल को 2016 की कीमतों पर 4जी सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन शामिल किया गया है, जिसकी कीमत सरकार द्वारा वहन की जानी है। इससे पहले बीएसएनएल के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर पीके पुरवार ने कहा था कि हम इस साल के अंत तक 4जी स्पेक्ट्रम की उम्मीद करते हैं। हम अगले महीने 50,000 ई-नोड्स क्षमता के टेंडर जारी करेंगे। पुरवार ने कहा था कि 18 महीनों में 100,000 4जी साइटें ऑपरेशनल हो जानी चाहिए।

यह भी पढ़ेंः-Bharti Airtel ने जुर्माना, ब्याज पर Supreme Court में दी पुनर्विचार याचिका

12 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी बीएसएनएल
बीएसएनएल अपने आपको अपग्रेड करने और 4जी सेवाओं को शुरू करने के लिए 12 हजार करोड़ रुपए खर्च करने का प्लान बना रही है। कंपनी का प्लान है कि आने वाले 6 महीनों में बीएसएनएल 4 जी सेवाएं शुरू कर दें। कंपनी के चेयरमैन ने कुछ दिन पहले कहा था कि कंपनी अपने उपकरणों को अपग्रेड करने में लगी है, जिसमें छह माह का समय लगेगा। इसके अलावा उन शहरों को भी चुना जा रहा है, जहां पर कंपनी सबसे पहले इन सेवाओं को लांच करेगी। इसके लिए जल्द ही टेंडर लाया जाएगा,क्योंकि इन सेवाओं को पूरे देश में शुरू करने में काफी वक्त लगेगा।