ट्राई के आंकड़ों में बड़ा खुलासा, पांच सालों में करीब 95 फीसदी सस्ता हुआ मोबाइल डाटा

ट्राई के आंकड़ों में बड़ा खुलासा, पांच सालों में करीब 95 फीसदी सस्ता हुआ मोबाइल डाटा

Saurabh Sharma | Updated: 22 Aug 2019, 01:11:08 PM (IST) इंडस्‍ट्री

  • 2014 में एक जीबी डाटा के खर्च करने पड़ते 269 रुपए
  • 2018 में 12 रुपए से भी कम हुए एक जीबी डाटा के दाम

नई दिल्ली। 2014 में जिस एक जीबी डाटा के लिए आपको 269 रुपए खर्च करने पड़ते थे। अब वही एक जीबी डाटा 12 रुपए से भी कम कीमत में पड़ रहा है। जिसकी वजह से डाटा की खपत बढ़ी है। वहीं टेलीकॉम कंपनियों के राजस्व में भी इजाफा हुआ है। वास्तव में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( ट्राई ) ने बीते पांच सालों में मोबाइल डाटा की कीमतों और खपत पर एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें बताया गया है कि पांच सालों में एक जीबी मोबाइल डाटा की कीमत में 95 फीसदी की गिर गई हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर ट्राई ने किस तरह के आंकड़े जारी किए हैं।

यह भी पढ़ेंः- RTGS का यूज करने वालों के लिए खुशखबरी, अब से सुबह 7 बजे से उपलब्ध होगी यह खास सुविधा

मोबाइल डाटा की खपत में इजाफा
- 2014 में 828 मिलियन जीबी सालाना डाटा खपत होती थी।
- 2018 में 46,404 मिलियन जीबी डाटा की खपत हुई।
- 2014 के मुकाबले 2018 में खपत 56 गुना ज्यादा है।
- 2014 में व्यक्तिगत मोबाइल डाटा खपत 0.27 जीबी प्रति यूजर थी
- 2018 में व्यक्तिगत मोबाइल डाटा खपत बढ़कर 7.6 जीबी प्रति यूजर हो गई।
- 2018 में प्रति यूजर वायरलैस डाटा यूसेज में पश्चिम बंगाल, यूपी वेस्ट और आसाम सर्किलों में 100 फीसदी की ग्रोथ दर्ज हुई।
- अन्य सभी सर्किलों में 50 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई।

यह भी पढ़ेंः- एसबीआई खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब बिना ATM निकालें कैश

वायरलैस डाटा खपत 131 फीसदी का इजाफा
- 2017 में कुल वायरलैस डाटा खपत 20,092 मिलियन जीबी थी
- 2018 में वायरलैस डाटा खपत 131 फीसदी बढ़कर 46,404 मिलियन जीबी पर पहुंची।
- 2014 में वायलैस डाटा खपत केवल 828 मिलियन जीबी थी।
- 2018 के कुल वायरलैस डाटा खपत में सबसे बड़ी हिस्सेदारी 4जी यूजर्स की रही है।
- 2018 में 40,304 मिलियन जीबी वायरलैस डाटा खपत 4जी तकनीक के जरिए रही।
- 2जी पर 0.95, 3जी पर 12.18 फीसदी और सीडीएमए पर 0.01 फीसदी वायरलैस डाटा खपत रही है।

यह भी पढ़ेंः- लाखों नौकरियों पर लटकी तलवार, वित्त मंत्री ने कहा - सरकार हर सेक्टर का सहयोग कर रही

कंपनियों के रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी
- वायरलैस डाटा से 2014 में कंपनियों को 22,265 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला था।
- रेवेन्यू में 2018 में करीब ढाई गुना बढ़कर 54,671 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
- 2017 में टेलीकॉम कंपनियों को वायरलैस डाटा से 38,882 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला था।

यह भी पढ़ेंः- समय से दो साल पहले मिल सकेगा हर भारतीय को अपना घर, सरकार ने किया दावा

पांच सालों में इतना कम हुआ प्रति जीबी डाटा खर्च
- पांच सालों में यूजर्स का प्रति जीबी डाटा खर्च 269 रुपए से घटकर 11.78 रुपए पर आया।
- 2014 में जहां यूजर्स को एक जीबी डाटा के लिए 269 रुपए खर्च करने पड़ते थे।
- वहीं 2015 में यह खर्च घटकर 226 रुपए प्रति जीबी पर आया।
- 2016 में प्रति यूजर 1 जीबी डाटा के लिए खर्च 75.57 रुपए पर आ गया।
- 2017 में 1 जीबी डाटा का औसत खर्च 19.35 रुपए हुआ।
- 2018 में यूजर्स को 1 जीबी डाटा के लिए औसतन 11.78 रुपए खर्च करने पड़े।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned