
भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों से आईपीएल में खेल रहे विदेशी खिलाड़ियों सहित अन्य स्टाफ भी चिंतित हो गए हैं और अपने देश वापस लौटना चाहते हैं। इस बीच कई खिलाड़ी आईपीएल टूर्नामेंट बीच में ही छोड़ रहे हैं। बता दें कि दो अंपायर्स ने भी आईपीएल से दूर बना ली है। अब IPL 2021 में कमेंट्री करने वाले पूर्व आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइकल स्लेटर, भारत में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच मालदीव पहुंच गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने खिलाड़ियों के लिए स्वदेश वापसी का व्यवस्था नहीं करने पर आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने यहां तक कह दिया कि प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन पीएम का हाथ खून से रंगे हुए हैं। बता दें कि आईपीएल में खेल रहे खिलाड़ियों की वापसी को लेकर पीएम स्कॉट मॉरिसन ने कहा था कि वे अपने निजी दौरे पर भारत आए हैं, ऐसे में उन्हें स्वदेश वापसी की व्यवस्था खुद करनी होगी।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने लगाया स्वदेश लौटने पर प्रतिबंध
एक रिपोर्ट के अनुसार, स्लेटर मालदीव जाने से एक सप्ताह पहले अपने घर जाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भारत में फंसे लगभग 9,000 ऑस्ट्रेलियाई लोगों के स्वदेश लौटने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें आईपीएल में खेल रहे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स, सहायक स्टाफ और कमेंटेटर स्लेटर भी शामिल हैं। ऐसे में अब ऑस्ट्रेलियाई स्वदेशी वापसी को लेकर चिंतित हो गए हैं। स्लेटर भी ऑस्ट्रेलिया न जा पाने की वजह से मालदीव चले गए।
पीएम की आलोचना
स्लेटर एक ट्वीट करते हुए पीएम स्कॉट मॉरिसन की अलोचना की। स्लेटर ने लिखा कि अगर हमारी सरकार ऑस्ट्रेलियाई लोगों की सुरक्षा की चिंता करती, तो वे हमें घर लौटने की अनुमति देती। स्लेटर ने इसे अपमान बताया है। साथ ही स्लेटर ने लिखा कि प्रधानमंत्री के हाथ खून से रंगे हैं। वे हमारे साथ ऐसा व्यवहार कैसे कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने लिखा कि उन्हें आइपीएल में काम करने के लिए सरकार की अनुमति मिली थी, लेकिन अब सरकारी उपेक्षा झेलनी पड़ रही है।
इन लोगों को भी लिया आड़े हाथ
साथ ही स्लेटर ने कोरोना महामारी में आईपीएल के लिए भारत जाने पर सवाल करने वालों को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जो लोग सोचते हैं कि यह एक पैसे की कवायद है तो इसे भूल जाओ। उन्होंने कहा कि यह वही है जो मैं जीवन यापन के लिए करता हूं और मैंने एक पैसा भी नहीं छोड़ा है। इसलिए कृपया दुरुपयोग को रोकें और प्रत्येक दिन भारत में होने वाली हजारों मौतों के बारे में सोचें।
Updated on:
04 May 2021 10:45 am
Published on:
04 May 2021 10:42 am
