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एमपी में बिछ रही 267 किमीं की नई रेल लाइन, 40 गांवों से ली गई जमीन

mp news: तीसरी रेल लाइन प्रोजेक्ट के लिए बैतूल जिले के 3 तहसीलों के 40 गांवों में रहने वाले 290 किसानों की 16.036 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है।

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new railway line

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mp news:भोपाल-इटारसी के बाद अब इटारसी-आमला के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। आमला से इटारसी के बीच 130 किमी क्षेत्र में तीसरी रेल लाइन बिछाने के लिए मिट्टी का बेस तैयार किया जा रहा है। जिसके बाद आगे काम होगा। नर्मदापुरम और बैतूल जिले में जमीन अधिग्रहण में हुई देरी की वजह से इटारसी-आमला सेक्शन में निर्माण कार्य देरी से शुरू हुआ है।

तीसरी रेल लाइन प्रोजेक्ट के लिए बैतूल जिले के 3 तहसीलों के 40 गांवों में रहने वाले 290 किसानों की 16.036 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। तीसरी रेलवे लाइन का काम पूरा होने के बाद रेल यातायात ओर बेहतर होने की उम्मीद है। खास बात यह भी है कि इस रेल रूट पर घाट सेक्शन होने की वजह से भी यातायात में परेशानी आती है।

चार जगह बनेगी सुरंग

तीसरी लाइन के लिए मरामझिरी-धाराखोह घाट सेक्शन में चार स्थानों पर 1.40 किमी सुरंग बनेगी। इटारसी से नागपुर के बीच 267 किमी लंबाई में तीसरी लाइन बिछाई जाना है। जिसके बीच 27 स्टेशन आएंगे। साथ ही 361 पुल-पुलियाओं का निर्माण भी किया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत इटारसी-बैतूल रूट पर पीपलढ़ाना, मरामझिरी क्षेत्र में अंडरपास बनाए जा चुके हैं।

पवारखेड़ा से जुझारपुर तक अप और डाउन दो बॉयपास ट्रैक बनकर तैयार हैं। दोनों परियोजना पर रेलवे द्वारा लगभग 600 करोड़ रुपए खर्च किए गए। खेड़ा क्षेत्र होते हुए जुझारपुर को जोड़ने वाले बॉयपास ट्रैक के किनारों की मिट्टी को धंसने से रोकने और बहने से रोकने के लिए अब लोहे के तार से पत्थरों को बांधकर सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल बारिश की वजह से दोनों ही बॉयपास ट्रैक के आसपास मिट्टी धंस गई थी। जिसके कारण से मिट्टी में लंबे-लंबे गैप बन गए थे। कुछ जगह इस वजह से रेलवे की ओएचई लाइन के खंभे भी तिरछे हो गए थे।

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इसलिए जरूरी तीसरी लाइन

र्तमान में रेलवे के पास नागपुर-इटारसी सेक्शन में केवल दो लाइन हैं। इन लाइनों से यात्री और और गुड्स ट्रेनों का संचालन किया जाता है। यात्री गाड़ियों को निकालने के लिए अक्सर गुड्स ट्रेनों को घंटों तक कहीं भी रोक दिया जाता है। इन्हीं समस्याओं के चलते तीसरी लाइन बिछाई जा रही है, ताकि यात्री ट्रेनों के लिए गुड्स ट्रेनों को न रोकना पड़े और वे भी सही समय पर पहुंच सके।

प्रोजेक्ट पर खर्च 2 हजार करोड़ से अधिक होगा

भोपाल से इटारसी तक तीसरी लाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इटारसी से नागपुर के बीच तीसरी लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। प्रोजेक्ट पर 2525.73 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। वर्तमान में जो रेलवे लाइन मौजूद है, उसके समानांतर ही तीसरी लाइन बिछाने का काम होगा।

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