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जर्जर आवास खाली कराने रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने दिया अल्टीमेटम

जर्जर आवास खाली कराने रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने दिया अल्टीमेटम

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Railway's engineering department gave ultimatum to vacate the dilapidated house.

जर्जर आवास खाली कराने रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने दिया अल्टीमेटम

पत्र जारी कर कहा : खंडहर आवासों में हुआ हादसा तो इंजीनियरिंग विभाग नहीं होगा जिम्मेदार

इटारसी.

रेलवे के जर्जर हो चुके आवासों में अब भी रेलकर्मी और अन्य लोग रह रहे हैं। बारिश में इन आवासों से खतरा हो सकता है। मामले में इंजीनियरिंग विभाग ने एक पत्र जारी कर सभी विभागों को अपने-अपने कर्मचारियों को नए आवास आवंटित कराकर जर्जर घोषित आवासों को खाली कराने के आदेश दिए गए हैं। पत्र में अल्टीमेटम दिया गया है कि जर्जर आवासों में किसी अप्रिय घटना होने पर इंजीनियरिंग विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।

उल्लेखनीय है कि इंजीनियरिंग विभाग ने पत्र के साथ जर्जर घोषित आजाद नगर, डीजल शेड, डबल स्टोरी और सेंट्रल कॉलोनी के 661 मकानों की सूची भी भेजी है। पत्र में कहा गया है कि आवासों को खंडहर किया जा चुका है। जो कि असुरक्षित स्थिति में है एवं रहने योग्य नहीं है। इन आवासों के लिए अग्रिम कार्रवाई प्रशासन द्वारा की जा रही है। इसलिए संबंधित कर्मचारी को अन्य आवास आवंटित कराकर नया यार्ड कॉलोनी के आवासों को अतिशीघ्र रिक्त करने की व्यवस्था की जाए। अन्यथा आवासों में किसी अप्रिय घटना होने पर इंजीनियरिंग विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।

रेलवे आवास समिति ने किया था निरीक्षण-

रेलवे आवास में अनाधिकृत तरीके से रहने वालों को बाहर निकालने का अभियान चलाया जा चुका है। न्यूयार्ड सहित अन्य रेलवे आवासों में अनाधिकृत लोग रह रहे हैं। जिससे रेलवे को हर साल लाखों रुपए की बिजली और पानी पर होने वाला खर्च वहन करना पड़ रहा है। पूर्व में रेलवे आवास समिति सदस्य अर्जुन उटवार द्वारा आरपीएफ स्टाफ, वेलफेयर इंस्पेक्टर और बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ अनाधिकृत लोगों के घरों पर जाकर जांच की गई थी।

रेलवे ने इन कॉलोनियों में इतने आवासों को किया जर्जर घोषित-

आजाद नगर कॉलोनी : 258

सेंट्रल कॉलोनी : 352

डीजल शेड कॉलोनी : 43

डबल स्टोरी कॉलोनी : 08

कुल आवास : 661

रेलकर्मियों को मिलेंगे सर्वसुविधायुक्त आवास-

जर्जर हो रहे रेल आवासों को दुरूस्त करने के लिए रेलवे द्वारा आरबी वन के दो आवासों को मिलाकर एक आवास बनाया जा रहा है। बनाए जा रहे इन आवासों में हाल और बेडरूम के अलावा किचन, गैलरी के साथ ही आगे और पीछे स्पेश दिया जा रहा है। ताकि इन आवासों में रेलवे कर्मचारी अपने परिवार के साथ बेहतर ढंग से रह सके। बारह बंगला, तीन बंगला सहित शहर की अन्य रेलवे कालोनियों में आरबी वन के 198 आवास चिन्हित किए गए हैं। जिनका जीर्णोद्वार किया जा रहा है। बारह बंगला में ऐसे लगभग दस आवास बनाए भी जा चुके हैं। रेलवे ने आरबी वन वाले दो आवासों को मिलाकर एक आवास बनाया जा रहा है। ऐसे में आवास के भीतर जगह काफी होने के कारण रेलवे कर्मचारियों को भी यह आवास पसंद आएंगे।

60 से ज्यादा जर्जर आवासों को नपा ने दिया नोटिस-

शहर में 60 से ज्यादा जर्जर जर्जर आवास और भवन हैं। बारिश में इनसे हादसे का डर बना हुआ है। नगरपालिका इन सभी मकानों और भवनों को नोटिस जारी कर चुकी है। मामले में सीएमओ रितु मेहरा ने इंजीनियरों के साथ जर्जर आवास और भवनों का निरीक्षण भी किया है। खास बात यह भी है कि इनमें से ज्यादातर मकानों में लोग अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालकर रह रहे हैं। नपा ने बारिश के मौसम में खतरे को देखते हुए सभी को नोटिस जारी कर दिया है। बताया जा रहा है कि इनमें सबसे ज्यादा जर्जर हालत वाले करीब दस मकानों को तोडऩे की कार्रवाई की जा सकती है। नपा कार्रवाई से पहले एसडीएम के साथ भी इन जर्जर आवासों और भवनों का निरीक्षण करेगी। जिसके बाद तय किया जाएगा कि किन आवासों और भवनों को तोड़ जाएगा।