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संयुक्त मारवाड़ी समाज ने मनाया गणगौर उत्सव, निकाली गई शोभायात्रा

संयुक्त मारवाड़ी समाज ने मनाया गणगौर उत्सव, निकाली गई शोभायात्रा

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United Marwari community celebrated Gangaur Utsav, took out a procession

United Marwari community celebrated Gangaur Utsav, took out a procession

इटारसी. संयुक्त मारवाड़ी समाज द्वारा गणगौर उत्सव 11 अप्रेल गुरुवार को मनाया गया। गणगौर उत्सव में अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, खंडेलवाल, समाज, ओसवाल समाज व गौड़ ब्राह्मण समाज के सदस्य शामिल हुए। गणगौर की शोभायात्रा अग्रवाल भवन से प्रारंभ होकर तालाब के समीप 11 वी लाइन, नवमी लाइन से सराफा बाजार, जयस्तंभ चौक, बड़ा मंदिर से वापस अग्रवाल भवन में पहुंचकर समाप्त हुई। अग्रवाल समाज सह-सचिव संजय शिल्पी ने बताया कि इस बार संयुक्त मारवाड़ी समाज ने संयुक्त रूप से गणगौर उत्सव मनाया। शोभायात्रा का रास्ते में जगह-जगह स्वागत किया गया। पूजा अर्चना की गई।

ऐसे की जाती है गणगौर की पूजा-मारवाड़ी महिलाओं द्वारा गणगौर की पूजा सोलह दिनों तक की जाती है। मुख्य रूप से शादी के बाद पहली होली पर विवाहित लडक़ी अपने माता-पिता के घर या ससुराल में सोलह दिनों तक गणगौर मनाती है। गणगौर की पूजा अकेले नहीं बल्कि जोड़े के साथ की जाती है। विवाहित लड़कियां पूजा के लिए अन्य 16 लड़कियों को आमंत्रित करती हैं। वह उन्हें सुपारी और अन्य सुहाग का सामान देती है। गणगौर सोलह दिनों तक बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और 16 दिनों के बाद उद्यापन कर गणगौर माता की मूर्ति को जलाशय में विसर्जित कर दिया जाता है। गणगौर की पूजा होलिका दहन के दूसरे दिन पड़वा यानी फाल्गुन मास की पूर्णिमा से शुरू होती है, जिस दिन होली खेली जाती है। जो महिलाएं शादी के बाद अपनी पहली होली मना रही होती हैं, उस दिन घर में गणगौर की चौकी/पाटा लगाकर सोलह दिनों तक गणगौर की पूजा की जाती है।