नर्सेज एसोसिएशन की हड़ताल का चौथा दिन, अस्पताल के कामकाज ठप होने से बढ़ी मरीजों की मुश्किलें

-मध्य प्रदेश में नर्सों की हड़ताल का चौथा दिन
-हड़ताल से अस्पतालों के कामकाज हो रहे ठप
-देखभाल न होने से मरीज हो रहे परेशान
-नर्सेज संगठन और सरकार के बीच नहीं हुई बातचीत
-दोनों के बीच सेहमति न बनने से मुश्किल में आ रहे मरीज

By: Faiz

Published: 03 Jul 2021, 04:56 PM IST

जबलपुर/ मध्य प्रदेश में 30 जून से नर्सेज एसोसिएशन अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चौथे दिन भी जिल के मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग की नर्सें अपनी मांगों को लेकर अड़िग हैं। जिसके चलते प्रदेशभर के अस्पतालों में मरीज परेशान होते नजर आ रहे हैं। सूबे के जबलपुर मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों में कामकाज ठप हैं।

 

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अस्पताल में भर्ती मरीजों की बढ़ती जा रही मुसीबत

हड़ताल के चौथे दिन भी प्रदेश सरकार और नर्सेज एसोसिएशन के बीच कोई चर्चा न होने से नर्सेज भी अपनी मांगों को लेकर अड़िग रहते हुए कामकाज छोड़कर धरना प्रदर्शन कर रही हैं। नर्सों के प्रदर्शन के चलते अस्पतालों का कामकाज ठप होने लगा है। खासकर अस्पतालों में भर्ती मरीज परेशान होते नजर आ रहे हैं।


इन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं नर्सेज एसोसिएशन

-नर्सेस की मांगों की बात की जाए तो उनमें पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू की जाए,
-प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में मेल नर्स की भर्ती की जाए
-कोरोना काल में शहीद हुए नर्सिंग स्टाफ के परिजन को अनुकंपा नियुक्ति देने के साथ साथ 15 अगस्त को राष्ट्रीय कोरोना योद्धा अवार्ड से सम्मानित किया जाए।
-कोरोना काल में शासन स्तर पर जितनी भी घोषणा की गई उनपर अमल नहीं किया गया, कोविड-19 में नर्सों को सम्मानित करते हुए अग्रिम दो वेतन वृद्धि का लाभ उनकी सैलरी में लगाया जाए।
-2018 के आदर्श भी नियमों में संशोधन करते हुए 70 फीसदी , 80 फीसदी और 90 फीसदी का नियम हटाया जाए एवं प्रतिनियुक्ति समाप्त कर स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कि जाए।
-सरकारी कॉलेजों में सेवारत रहते हुए नर्सेस को उच्च शिक्षा हेतु आयु बंधन हटाया जाए एवं मेल नर्स को समान अवसर दिया जाए।
-कोरोना काल में अस्थाई रूप से भर्ती कि गई नर्सेस को नियमित किया जाए
-प्राइवेट कंपनी से लगाई गई नर्सों को भी उनकी योग्यता के अनुसार नियमित किया जाए।

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