29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

HIV positive हैं ये वीमेन , ऐसे हुआ यह हाल

यौन संक्रमण एवं गर्भाशय कैंसर का आशंका तलाशने ७० महिलाओं में दूरबीन एवं हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट को आधार बनाया, ३० प्रतिशत महिलाओं में यौन संक्रमण की आश
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जबलपुर

•

image

deepak deewan

•

Updated: 1 Dec 2017, 8:51 AM IST

aids-day-risk-of-uterine-cancer-in-hiv-positive-woman

aids-day-risk-of-uterine-cancer-in-hiv-positive-woman

जबलपुर. एचआईवी पाजिटिव पीडि़तों के जीवन में आज भी बहुत ज्यादा अंििधयारा ही है। दो दशकों में मेडिकल साइंस ने जबर्दस्त तरक्की की है, कई दवाइयां इस रोग के नियंत्रण के लिए ईजाद भी की जा चुकी हंैं इसके बाद भी व्यवहारिक रूप से इस पर नियंत्रण के तमाम उपाय बहुत सफल नहीं हो सके हैं। यह रोग फैलता ही जा रहा है। इससे भी ज्यादा बुरी बात यह है कि समाज और परिवार की नजरों में ऐसे रोगी अभी भी त्याज्य ही बने हुए हैं। जागरूकता के अनेक प्रयास किए गए हैं लेकिन उनका फल जमीन पर ज्यादा नजर नहीं आता है। इसके साथ ही एड्स पीडि़त दूसरी बीमारियों से ग्रसित होते जा रहे हैं। इनमें भी महिलाओं की हालत सबसे ज्यादा बुरी हे। मेडिकल कालेज में हालिया हुई एक रिसर्च से इस तथ्य की पुष्टि भी हो रही है।


गर्भाशय कैंसर का खतरा ज्यादा
मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में हुई रिसर्च में पुष्टि हुई कि एचआईवी पॉजिटिव महिलाओं को गर्भाशय कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है। यह रिसर्च इंटरनेशनल जर्नल में भी प्रकाशित हुई है। स्त्री रोग विभाग में २० से ५० वर्ष की एेसी पॉजिटिव महिलाओं पर रिसर्च किया गया, जिनकी एआरटी की दवाइयां शुरू नहीं हुई थी। एचपीवी एमआरएनए और काल्पोस्कोपी के माध्यम में गर्भाशय में कैंसर की आशंका की रिपोर्ट तैयार की गई।


३० प्रतिशत महिलाओं में यौन संक्रमण की आशंका अधिक
डॉ. शीतल अचले ने मार्च २०१५ से अगस्त २०१७ तक ७० महिलाओं में यौन संक्रमण एवं गर्भाशय कैंसर का आशंका तलाशने में दूरबीन एवं हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट को आधार बनाया। ३० प्रतिशत महिलाओं में यौन संक्रमण की आशंका अधिक पाई गई। प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर गर्भाशय कैंसर की आशंका होती है। स्त्री रोग विभाग की एचओडी डॉ. कविता एन सिंह के अनुसार एचआईवी पॉजिटिव महिलाओं में गर्भाशय कैंसर के केस देखते हुए यह रिसर्च की गई है।


-