जबलपुर। कोल्हू के बैल, अक्सर ही ये कहावत सुनने मिलती है, लेकिन अब भी कुछ ऐसे स्थान है जहां कोल्हू के बैल देखने मिलते हैं। आज के मशीनी युग में बैलों को कोल्हू में जोतकर काम कराया जाता है। ये जितना आश्चर्यचकित करता है उतना बीते जमाने की भी यादें ताजा करता है।